नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव उफान पर है। वैसे तो चुनाव लोकतंत्र के खूबसूरत पर्व की तरह होते हैं, लेकिन भारत में इसे जीतने के लिए हमारे नेता किसी भी हद तक जा सकते हैं। कई बार नेता चुनाव जीतने के लिए ऐसे तरीकों का इस्तेमाल करते हैं जो न सिर्फ लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ हैं, बल्कि कुछ तरीके आपराधिक भी हैं।
ऐसा ही एक मामला बुलंदशहर से आ रहा है। जहां, चौधरी अजीत सिंह की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) प्रत्याशी मनोज गौतम पर आरोप है कि उसने चुनाव में जनता की सहानुभूति पाने के लिए अपने सगे भाई और उसके दोस्त की हत्या करवा दी। पुलिस ने मनोज गौतम, उसके दो सहयोगियों और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, वारदात के पीछे मनोज की विधायक बनने की महत्वाकांक्षा थी। मनोज को लगा कि भाई की हत्या से मिलने वाली जनता की सहानुभूति उसकी चुनावी नैया पार लगा सकती है। दरअसल, सोमवार(6 फरवरी) रात मनोज के भाई विनोद गौतम और उनके एक दोस्त को अज्ञाप बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। जिसके अगले दिन मंगलवार(7 फरवरी) को सुबह दोनों के शव अगवाल गांव के नजदीक एक बगीचे से बरामद किया गया।
पुलिस के मुताबिक, दोनों का अपहरण कर पास के जंगल में ले जाया गया। वहां मनोज गौतम की लाइसेंसी पिस्तौल से दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके अलावा, पुलिस ने आरोपियों और मनोज के बीच हुई बातचीत का ऑडियो भी जारी किया है। वहीं, मनोज ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है।