पाकिस्तान के सिंध प्रांत में बदमाशों ने एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ कर पवित्र ग्रंथों और मूर्तियों में आग लगा दी। हालांकि, इस करतूत की प्रधानमंत्री इमरान खान ने कड़ी आलोचना की है। इमरान खान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए दोषियों के खिलाफ तीव्र और ठोस कार्रवाई का आदेश दिया है।
यह घटना खैरपुर जिले के कुंब शहर में गत सप्ताह हुई। तोड़फोड़ के बाद अज्ञात हमलावर फरार हो गए। हिंदू समुदाय ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया। यह मंदिर समुदाय के लोगों के घरों के पास था इसलिए उन्होंने मंदिर की देखभाल करने के लिए किसी को नहीं रखा था क्योंकि उन्हें लगता था कि यह सुरक्षित है।
यह ख़बर सामने आने के बाद इमरान खान ने मंगलवार (5 फरवरी) को टि्वटर पर प्रांतीय प्रशासन से दोषियों के खिलाफ तीव्र कार्रवाई करने के लिए कहा। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सिंध सरकार को दोषियों के खिलाफ तीव्र और ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, यह कुरान की शिक्षा के खिलाफ है।’’
سندھ حکومت ذمہ داروں کیخلاف فوری اور فیصلہ کن کارروائی کرے۔ یہ قرآن عظیم الشان کی تعلیمات کے خلاف ہے۔ pic.twitter.com/ThQHVUWBAk
— Imran Khan (@ImranKhanPTI) February 5, 2019
समा टीवी ने बताया कि घटना के बाद इलाके के हिंदुओं ने शहर में प्रदर्शन किया। पाकिस्तान हिंदू परिषद के सलाहकार राजेश कुमार हरदसानी ने हिंदू मंदिरों की सुरक्षा के लिए विशेष कार्य बल गठित करने की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘इस कृत्य ने हिंदू समुदाय के बीच अशांति पैदा कर दी है। इन तरह के हमले देशभर में धार्मिक सौहार्द्र का माहौल बिगाड़ने की कोशिश के तहत किए जाते हैं।’’
पुलिस ने कहा कि वह हमलावर की तलाश कर रही है लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। किसी भी व्यक्ति या समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। मुस्लिम बहुल पाकिस्तान की 22 करोड़ आबादी में हिंदू करीब दो फीसदी हैं। ज्यादातर हिंदू सिंध प्रांत में रहते हैं। वे आए दिन चरमपंथियों द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत करते हैं। (इंपुट: भाषा के साथ)