हिंदी के वरिष्ठ कवि विष्णु खरे का बुधवार(19 सितंबर) को दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में निधन हो गया। बीते 12 सितंबर को ब्रेन हैम्रेज के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आज उन्होंने आखिरी सांस ली।
फाइल फोटो: विष्णु खरेमीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें अस्पताल के आईसीयू में रखा गया था और वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रहे थे। विष्णु खरे दिल्ली की हिंदी अकादमी के उपाध्यक्ष भी थे। इसी साल 30 जून को उन्होंने अकादमी का कार्यभार संभाला था।
हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक, खरे ने अपनी मृत्यु के बाद अंगदान का फैसला लिया था। जीबी पंत अस्पताल में फिलहाल उनके अंगदान की प्रक्रिया चल रही है। खरे की इच्छा की अनुसार उनके परिजनों ने अंगदान का फैसला लिया है। निधन की खबर मिलते ही मुंबई से उनके परिजन दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। उनकी मृत्यु पर साहित्य जगत से जुड़े बड़े लोगों ने अपनी संवेदना प्रकट की है।
9 फरवरी 1940 को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जन्मे विष्णु खरे ने इंदौर के क्रिश्चियन कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में एमए करने के बाद हिंदी पत्रकारिता से अपने करियर की शुरुआत की। साहित्य और मीडिया में उनकी दमदार उपस्थिति लगातार बनी रही।