संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ के विरोध में बुधवार (24 जनवरी) को राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम में करणी सेना के कथित कार्यकर्ताओं ने एक स्कूल बस पर हमला कर दिया था। स्कूल की बस पर तब पथराव किया था, जब उसमें बच्चे भी मौजूद थे। इस दौरान सहमे बच्चों ने सीट के पीछे छिपकर खुद को बचाया।
इस हमले के सिलसिले में गुरुग्राम पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद सभी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस खबर के सोशल मीडिया में आने के बाद ये अफवाह उड़ने लगी कि गिरफ्तार आरोपियों में कुछ मुस्लिम युवक भी शामिल थे। सोशल मीडिया में बकायदा कुछ नामों के साथ बताया गया कि ये लोग बच्चों की बस पर पथराव में शामिल थे।
ऐसे ट्वीट करने वालों में जानी-मानी लेखिका और बीजेपी समर्थक मधु किश्वर भी शामिल हैं जिन्हें बाद में माफी मांगनी पड़ी। बता दें कि, मधु किश्वर पर अक्सर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए झूठ बोलने का आरोप लगता रहा है।
मधु किश्वर ने ट्विट कर लिखा कि, ‘भंसाली की फिल्म के विरोध में करणी सेना के नाम पर स्कूल बस पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार पांच लोगों के नाम हैं- सद्दाम, आमिर, फिरोज, नदीम, अशरफ। अगर ये सच है तो बहुत कुछ कहता है, अब और कुछ कहने की जरूरत नहीं है।’
हालांकि, इस तरह की अफवाह फैलने के बाद गुरुग्राम पुलिस की तरफ से सफाई भी दी गई है। गुरुग्राम पुलिस ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा कि, ‘हम ये साफ कर देना चाहते हैं कि गुरुग्राम में हरियाणा रोडवेज की बस और एक स्कूल बस पर हमले के मामले में किसी मुस्लिम लड़के को गिरफ्तार नहीं किया गया है।’
This is to clarify that no Muslims boys have been detained in relation to the recent acts of vandalism on a Haryana Roadways bus and a School bus in Gurugram.
— Gurugram Police (@gurgaonpolice) January 26, 2018
गुरुग्राम पुलिस के इस ट्वीट के बाद मधु किश्वर सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गई। हालांकि बाद में मधु किश्वर जिन्होंने अपने ट्वीट से मुस्लिम युवकों के शामिल होने की अफवाह फैलाई थी, उन्होंने बाद से ट्विटर से अपना ट्वीट डिलीट कर दिया और इसके लिए माफी भी मांगी।
Dear @madhukishwar @Twitter this handle has repeatedly indulged in incitement time to suspend https://t.co/hYuxt9VD48
— Swati Chaturvedi (@bainjal) January 26, 2018
Someone should file an FIR against Madhu Kishwar for inciting hatred by spreading false news.
— Hasiba | حسيبة | हसीबा ???? (@HasibaAmin) January 26, 2018
Heard @madhukishwar’s Manushi held Narendra Modi responsible for 2002 Riots but then she took money to support Modi. IF ABOVE NEWS IS TRUE THEN IT SPEAKS VOLUMES. No more Need be said https://t.co/ovK5GtHWl9
— Joy (@Joydas) January 25, 2018
Hope folks like @madhukishwar are suitably embarrassed for jumping the gun and being blinded by the haze of communal hatred https://t.co/MKfQa5u3oG
— barkha dutt (@BDUTT) January 26, 2018
https://twitter.com/varungrover/status/956605641648304129?ref_src=twsrc%5Etfw&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.jantakareporter.com%2Findia%2Fgurugram-police-exposes-madhu-kishwars-lies-school-bus-attack-karni-sena-terrorists%2F170501%2F
Even if she has deleted the tweet, the damage @madhukishwar caused by spreading such a vicious rumor, is already done. There should be an FIR against her to make an example for other rumor mongers https://t.co/lqOcVaSg2z
— Pawan Khera ???????? (@Pawankhera) January 26, 2018
Maybe it’s time to arrest rumour mongers like Madhu Kishwar on grounds of fomenting communal hatred and inciting violence https://t.co/qOSav6kRaF
— Seema Goswami (@seemagoswami) January 26, 2018
वहीं, एक सोशल मीडिया यूजर्स ने मधु किश्वर के कुछ पुराने ट्वीट्स को उजागर करते हुए कहा कि यह केवल एक बार नहीं है कि उन्होंने सोशल मीडिया के जरीए फेक न्यूज़ को सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए इस्तेमाल किया हो।
If this is true tweet series… pic.twitter.com/omZOX1iQrG
— Honest Liar™ (@Hones8Liar) January 26, 2018
— Honest Liar™ (@Hones8Liar) January 26, 2018
— Honest Liar™ (@Hones8Liar) January 26, 2018
गौरतलब है कि, संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ के विरोध में बुधवार (24 जनवरी) को करणी सेना के समर्थकों ने गुरुग्राम में कई जगहों पर हंगामा और तोड़फोड़ किया गया। इसी दौरान सोहना रोड पर करणी सेना के कथित कार्यकर्ताओं ने एक स्कूल बस पर हमला कर दिया था।
स्कूल की बस पर तब पथराव किया था, जब उसमें बच्चे भी मौजूद थे। इस दौरान सहमे बच्चों ने सीट के पीछे छिपकर खुद को बचाया।
घटना के बाद गुरुग्राम पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया और गुरुवार को कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।