दिल्ली हाई कोर्ट में शनिवार (5 जनवरी) को याचिका दायर कर केंद्र सरकार और सेंसर बोर्ड को निर्देश देने की मांग की गई कि आगामी फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के ट्रेलर पर रोक लगाई जाए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इसमें संवैधानिक पद का अपमान किया गया है। याचिका पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है। यह याचिका दिल्ली की फैशन डिजाइनर पूजा महाजन ने अपने वकील अरुण मैत्री के माध्यम से दायर की है। बता दें कि फिल्म 11 जनवरी को रिलीज होगी।
याचिका में कहा गया है कि फिल्म निर्माता को भारत के संविधान की अवज्ञा करने का कोई अधिकार नहीं है, जिसमें संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान की बात कही गई है। याचिकाकर्ता ने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि फिल्मकार और निर्माता ने फायदा अर्जित करने की कोशिश की है। यहां नकल करने की कोशिश संभावित दर्शकों में रोमांच पैदा करने के लिए जानबूझकर प्रधानमंत्री के पद को बदनाम करने के लिए किया गया है।”
Pooja Mahajan, who filed a petition against #TheAccidentalPrimeMinister in Delhi HC: I think this movie has been made just to create a different impression in minds of ppl and brainwash them. Trailer itself says 'this election season'. Stay should be imposed on it pic.twitter.com/k8paGp8WlY
— ANI (@ANI) January 6, 2019
पूजा महाजन की तरफ से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि सिनेमैटोग्राफ एक्ट के प्रावधानों का दुरुपयोग किया जा रहा है और फिल्म निर्माता ने ट्रेलर जारी कर दिया है, जो प्रधानमंत्री पद की छवि को नुकसान पहुंचाता है और इससे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनामी हो रही है। वकील ए. मैत्री के जरिए दायर याचिका में दावा किया गया है कि ट्रेलर जारी होने के कारण ‘‘प्रधानमंत्री पद की सार्वजनिक स्तर पर दिन-ब-दिन बदनामी हो रही है।’’
मैत्री ने कहा कि फिल्म निर्माता ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी से उनके चरित्र, उनके राजनीतिक जीवन और पहनावे पर अभिनय करने या उनकी आवाज को किसी तरह से प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं ली है। याचिकाकर्ता ने कहा कि सीबीएफसी के दिशानिर्देश के अनुसार, वास्तविक जीवन पर आधारित फिल्म के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र की जरूरत होती है, लेकिन फिल्म के ट्रेलर के लिए कोई अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं लिया गया है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से केंद्र सरकार, गूगल, यूट्यूब और सीबीएफसी को ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ का ट्रेलर दिखाने पर रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की है। फिल्म की कहानी के बारे में दावा किया जाता है कि यह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पूर्व मीडिया सलाहकार संजय बारू द्वारा इसी नाम (‘The Accidental Prime Minister’) से लिखी गई किताब पर आधारित है।
फिल्म में अभिनेता व बीजेपी सांसद किरण खेर के पति अनुपम खेर ने मनमोहन सिंह का किरदार निभाया है, जबकि बारू के किरदार में फिल्म में अक्षय खन्ना हैं। पिछले दिनों इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ था। इस ट्रेलर में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल के दौरान मनमोहन सिंह एक ‘पीड़ित’ के तौर पर दिखाए गए हैं। फिल्म 11 जनवरी को रिलीज होने वाली है।
संजय बारू मई 2004 से अगस्त 2008 तक पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार पद पर कार्यरत रह चुके हैं। किताब में संजय बारू का दावा था कि मनमोहन सिंह ने कथित तौर पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सामने घुटने टेक दिए थे। इस फिल्म में डॉ. सिंह के प्रधानमंत्री बनने के दौरान हुई घटनाओं को दिखाया गया है।