27 फरवरी यानी बुधवार को जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में हेलीकॉप्टर क्रैश में जान गंवाने वाले वायुसेना के पायलट निनाद मंडावगने की पत्नी विजेता ने सोशल मीडिया के युद्ध की वकालत करने वाले ‘देशभक्त’ योद्धाओं से अपील की है कि वो युद्धोंन्माद भड़काना बंद करें और युद्द का इतना ही शौक है तो वे सेना में शामिल होकर एक बार सीमा पर जाकर देखें, ताकी उन्हें भी पता चल सके की युद्ध का परिणाम क्या होता है।
महाराष्ट्र के नासिक में अपने पति का अंतिम संस्कार करने के तुरंत बाद पत्रकारों से बात करते हुए शहीद की पत्नी विजेता ने कहा कि पाक से युद्ध की वकालत करने वालों को सशस्त्र बलों में शामिल होना चाहिए ताकि उन्हें यह महसूस हो सके कि यह वास्तव में कैसा लगता है। बता दें कि हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने पर शहीद हो गये वायुसेना के पायलट निनाद का शुक्रवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
नासिक के रहने वाले शहीद सक्वाड्रन लीडर निनाद अनिल मांडवगने की पत्नी विजेता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम युद्ध नहीं चाहते हैं। आपको अहसास नहीं है कि युद्ध का लोगों पर क्या असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि दोनों ही तरफ से किसी भी दूसरे स्क्वाड्रन लीडर की जान नहीं जानी चाहिए। भारत और पाकिस्तान के बीच शांति की जरूरत है।
विजेता ने युद्ध की वकालत करने वाले सोशल मीडिया यूजर्स से अपील करते हुए कहा कि, ‘मैं सोशल मीडिया (फेसबुक और ट्विटर) के योद्धाओं से अपील करना चाहती हूं कि जो कुछ भी वे कर रहे हैं बंद करें। इससे कुछ हासिल नहीं होना है। यदि आपके अंदर वाकई इतना जोश है तो सुरक्षा बलों का हिस्सा बनों और वहां जाकर देखो कैसा महसूस होता है।
बता दें कि भारतीय वायुसेना का एक हेलिकॉप्टर जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में बुधवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना में हेलिकॉप्टर के दोनों पायलटों और उसमें सवार चार अन्य लोगों के अलावा एक स्थानीय नागरिक की भी जान चली गई। अधिकारी ने कहा कि इस हादसे में पायलट के अलावा एक ऑपरेटर और चालक दल के तीन अन्य सदस्यों की जान चली गई। अधिकारियों ने बताया कि यह एमआई-17 हेलिकॉप्टर था।