चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को दी EVM हैक करने की खुली चुनौती

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चुनाव आयोग ने बुधवार(12 अप्रैल) को राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि आइए एवं ईवीएम हैक कीजिए तथा दिखाइए कि इन मशीनों से छेड़छाड़ की जा सकती है। वैसे आयोग अबतक सटीक तारीख तय नहीं कर पाया है, लेकिन उसने कहा है कि यह चुनौती मई के पहले हफ्ते में होगी तथा दस दिनों तक चलेगी।

पिछली बार 2009 में ऐसा ही कार्यक्रम हुआ था जब देश के विभिन्न हिस्सों से 100 ईवीएम मशीनें विग्यान भवन में रखी गयी थीं। आयोग ने दावा किया था कि कोई भी इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) हैक नहीं कर पाया।

जब दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप नेता अरविंद केजरीवाल ईवीएम संबंधी शिकायत के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी से मिले थे तब उनसे कहा गया था कि आयोग ऐसी चुनौती पेश करने की योजना बना रहा है। इस बार इस कार्यक्रम का स्थल आयोग मुख्यालय निर्वाचन सदन होगा।

ईवीएम पर आयोग की तकनीकी विशेषग्य समिति चुनौती संबंधी बिंदु तय करेगी तथा उसका ब्यौरा अगले कुछ दिनों में सार्वजनिक कर दिया जाएगा। इस बात की प्रबल संभावना है कि उत्तर प्रदेश चुनाव में इस्तेमाल में लायी गयी मशीनें चुनौती के लिए लायी जाएं। बसपा ने आरोप लगाया था कि छेड़छाड़ से गुजरी मशीनों ने भाजपा को चुनाव जिताने में मदद पहुंचायी।

नियमों के अनुसार इन मशीनों को 40 दिनों तक स्ट्रांग रूम से निकाला नहीं जा सकता है और इस अवधि के अंदर पीडि़त व्यक्ति संबंधित उच्च न्यायालय में चुनावी याचिका दायर कर सकता है। यह अवधि इस महीने बाद में खत्म हो जाएगी।

आधिकारिक सूत्र ने कहा, मई के पहले हफ्ते से विशेषग्य, वैग्यानिक, प्रौद्योगिकीविद एक हफ्ते या दस दिनों के लिए आ सकते हैं और मशीनें हैक करने की कोशिश कर सकते हैं। यह चुनौती हफ्ते या दस दिनों के लिए होगी। इस बीच आम आदमी पार्टी ने इस चुनौती के बाद चुनाव आयोग से आधिकारिक संवाद की मांग की।

आप नेता आशीष खेतान ने कहा कहा कि क्या चुनाव आयोग ने कोई प्रेस विग्यप्ति या आधिकारिक बयान जारी किया है। क्या यह एमसीडी चुनाव से पहले ऐसी खबर गढ़ने की कोशिश की जा रही है? हम इस विषय पर चुनाव आयोग से अधिकारिक बयान की मांग करते हैं।

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