प्रवर्तन निदेशालय ने आज कहा कि उसने बिहार की राजधानी पटना में 45 करोड़ रुपये मूल्य के तीन भूखंडों को जब्त कर लिया। एजेंसी ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल(राजद) के मुखिया लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की कथित संलिप्तता वाले आईआरसीटीसी होटल आवंटन घोटाले से जुड़ी अपनी जांच के सिलसिले में ये कार्रवाई की है।
बता दें कि, ईडी करीब एक महीने से रेलवे होटल टेंडर घोटाले की जांच कर रहा है। न्यूज़ एजेंसी भाषा की ख़बर के मुताबिक, एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि भूखंड कथित तौर पर लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों के नाम पर हैं और वहां एक मॉल का निर्माण किया जाना था। उन्होंने बताया कि भूखंड का अनुमानित बाजार मूल्य 45 करोड़ रुपये है।
संपत्ति को धनशोधन रोकथाम अधिनियम पीएमएलए के तहत अस्थायी रूप से जब्त किया गया है। केंद्रीय एजेंसी ने पिछले सप्ताह लालू प्रसाद की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से इस सिलसिले में पटना में पूछताछ की थी।
इससे पहले उसने राबड़ी देवी के बेटे और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से दो बार पूछताछ की थी। जुलाई में एजेंसी ने लालू प्रसाद, उनके परिवार के सदस्यों एवं अन्य के खिलाफ पीएमएलए के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था।
सीबीआई की प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि लालू प्रसाद ने संप्रग सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान रेल मंत्री के रूप में 2004 में आईआरसीटीसी के दो होटलों के रखरखाव का ठेका एक कंपनी को दिया था।
इसके लिए उन्होंने एक बेनामी कंपनी के जरिए पटना में एक महत्वपूर्ण भूखंड कथित तौर पर रित के रूप में लिया था। यह कंपनी पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता के मालिकाना हक वाली है।
प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर लालू और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए थे। बता दें कि, सीबीआई पहले इस मामले के सिलसिले में तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद के बयान दर्ज कर चुकी है।