लाभ के पद का मामला: चुनाव आयोग द्वारा 20 विधायकों को अयोग्य ठहराने की सिफारिश के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंची

0

चुनाव आयोग ने लाभ के पद वाले मामले में आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका देते हुए 20 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग ने शुक्रवार (19 जनवरी) को अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेज दी है। अब सबकी नजरें राष्ट्रपति पर हैं, जो इस मामले पर अंतिम मुहर लगाएंगे। बता दें कि केजरीवाल सरकार पर 20 विधायकों को संसदीय सचिव बनाकर लाभ का पद देने का आरोप लगा है।

file photo

लाभ के पद का मामला में आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग द्वारा उसके 20 विधायकों को अयोग्य ठहराने की सिफारिश के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, आम आदमी पार्टी चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है।

चुनाव आयोग द्वारा AAP के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की खबरों के बीच पार्टी ने पूरे मामले पर सफाई दी है। इस मामले में आम आदमी पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मीडिया के हवाले से खबर मिली है कि चुनाव आयोग लाभ के पद के मामले में राष्ट्रपति को चिट्ठी भेजी है, लेकिन इसकी अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अभी यह मीडिया के हवाले खबर आई है।

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश पर चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिना विधायकों की गवाही के यह फैसला हुआ है। सौरभ ने मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त अचल कुमार ज्‍योति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का 23 जनवरी को जन्मदिन है। वह 65 साल के हो रहे हैं। ज्योति रिटायर होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कर्ज उतारना चाहते हैं।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि किसी विधायक के पास सरकारी गाड़ी और बंगाल नहीं है। उनके पास कोई अकाउंट ऐसा नहीं है, जिसमें एक रुपये की भी तनख्वाह मिली है। भारद्वाज ने कहा कि आप के किसी भी विधायक के पास लाभ को कोई पद नहीं था। न ही उन्हें कोई बंगला या गाड़ी मिली थी और न ही उन्हें किसी तरह की कोई सैलरी मिली थी।

आप नेता ने यह भी कहा कि चूंकि हाई कोर्ट ने इन विधायकों को संसदीय सेक्रेटरी मानने से ही इनकार कर दिया, ऐसे में इनकी सदस्यता रद्द करने का सवाल कहां से उठता है। आप नेता ने साफ तौर पर आरोप लगाया कि मोदी सरकार के इशारे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने दिल्ली की चुनी हुई सरकार के खिलाफ साजिश रची है।

 

 

 

 

 

Previous articleपुणे: घर में मृत मिले सॉफ्टवेयर इंजिनियर, पत्नी और बच्चा, पुलिस जांच में जुटी
Next articleलाभ के पद का मामला: AAP का चुनाव आयोग पर हमला, कहा- PM मोदी का कर्ज उतार रहे हैं चुनाव आयुक्त, विपक्ष ने केजरीवाल का मांगा इस्तीफा