निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव के दौरान कथित तौर पर चुनाव सर्वेक्षण जारी करने के लिए तीन मीडिया संगठनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के दौरान सर्वेक्षण आधारित इन मीडिया रिपोर्टों में लोकसभा चुनाव के संभावित परिणाम का आंकलन किया गया है। ईसीआई ने कहा कि उन्हें नोटिस का जवाब देने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है।
पीटीआई के मुताबिक, चुनाव आयोग ने तीनों मीडिया संगठनों से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। आयोग ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए इन्हें अगले 48 घंटों में यह बताने के लिए कहा है कि क्यों न इनके खिलाफ जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 126ए के तहत कार्रवाई की जाए।
उल्लेखनीय है कि तीन मीडिया संगठनों ने हाल ही में लोकसभा सीटों पर हार जीत के अनुमान के आधार पर संभावित आंकड़े प्रस्तुत कर यह बताया था कि चुनाव में किस दल को कितनी सीटें मिलने का अनुमान है। आयोग ने इस पर संज्ञान लेते हुए इसे चुनाव सर्वेक्षण का ही एक तरीका माना है।
चुनाव आचार संहिता के नियमों के मुताबिक चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव सर्वेक्षण या एक्जिट पोल जारी नहीं किए जा सकते हैं। बता दें कि लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में 19 मई को आठ राज्यों की 59 सीटों पर मतदान होगा।
19 मई को जिन जहां पर मतदान होगा, उसमें पंजाब और उत्तर प्रदेश की 13-13 सीटें, बिहार और मध्य प्रदेश की आठ-आठ, झारखंड की तीन, पश्चिम बंगाल की नौ, हिमाचल प्रदेश की चार और चंडीगढ़ की एक सीट शामिल हैं। सात चरणों में होने वाला लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल को शुरू हुआ था और 19 मई को समाप्त होगा। मतगणना 23 मई को होगी।