गोवा विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद राज्य में सरकार नहीं बना पाने के कुछ हफ्तों बाद शनिवार(29 अप्रैल) को कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह से गोवा के प्रभारी महासचिव की जिम्मेदारी वापस ले ली। जबकि, संगठन में कुछ अन्य बदलाव भी किए गए हैं।
file photoदिग्विजय सिंह से न केवल गोवा बल्कि कर्नाटक के प्रभारी महासचिव की जिम्मेदारी भी वापस ले ली गई है। पार्टी में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद संगठन स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया को लेकर कई दिन से अटकलों का बाजार गर्म था। पार्टी के भीतर फेरबदल की शुरुआत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एआईसीसी सचिव ए चेला कुमार को गोवा का प्रभार सौंपा। वहीं, पार्टी ने के सी वेणुगोपाल को कर्नाटक का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया है।
पार्टी के इस फैसले पर प्रतिक्रिया करते हुए दिग्विजय ने कहा है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा नई टीम चुने पर उन्हें काफी खुशी हुई है। दिग्विजय ने ट्वीट कर लिखा कि मैं पार्टी और नेहरू गांधी परिवार के प्रति वफादार हूं। आज मैं पार्टी में जो कुछ भी हूं वो सब उन्हीं की वजह से ही है।
I am loyal to the Party and Nehru Gandhi Family and owe my position to the Party and to them.
— digvijaya singh (@digvijaya_28) April 29, 2017
इसके बाद उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा है कि मुझे गोवा और कर्नाटक के कांग्रेस नेताओं के साथ काम कर अच्छा लगा। मैं उनके सहयोग के लिए आभारी हूं।
I enjoyed working with Congress Leaders and Workers in Goa and Karnataka. Convey my gratitude for all their support.
— digvijaya singh (@digvijaya_28) April 29, 2017
इसके अलावा दिग्विजय ने ट्वीट में लिखा, मैं बहुत खुश हूं। आखिरकार यह नई टीम राहुल द्वारा चुनी गई है।
I am happy finally new Team is being picked up by Rahul ji.
— digvijaya singh (@digvijaya_28) April 29, 2017
बता दें कि कर्नाटक में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं तथा पार्टी राज्य में फिर से सत्ता हासिल करने की तैयारियों में जुटी है। कर्नाटक में एम टैगोर, पी सी विश्वनाथ, मधु यक्षी गौड़ा और डॉ. एस सज्जीनाथ को भी राज्य में पार्टी प्रभारी सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। अमित देशमुख को गोवा का प्रभारी सचिव बनाया गया है। इसके अलावा पार्टी ने केन्द्रीय चुनाव प्राधिकार का गठन कर मुल्लापल्ली रामचन्द्रन को इसका अध्यक्ष बनाया है।
भुवनेश्वर कालिता और मधुसूदन मिस्त्री को इस प्राधिकार का सदस्य बनाया गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी ने एक विज्ञप्ति में बताया कि इस केन्द्रीय चुनाव प्राधिकार की सलाहकार समिति में सांसद शमशेर सिंह ढुल्लों, बीरेन सिंह एंगती और पूर्व सांसद अश्क अली टाक को सदस्य बनाया गया है। मिस्त्री इस प्राधिकार का सदस्य बनने के बाद संगठन के किसी अन्य पद पर नहीं रहेंगे। वर्तमान में मिस्त्री पार्टी महासचिव हैं।
गौरतलब है कि गोवा में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस सरकार बनाने का दावा समय पर नहीं कर पाई और इस मामले में बीजेपी अपना दावा पेश कर सरकार बनाने में कामयाब रही थी। इसके लिए दिग्विजय सिंह की पार्टी के बाहर और अंदर भी काफी आलोचना हुई थी।