प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि लोगों को मुश्किलें होंगी वो सह लें। लेकिन कुछ तकलीफें ऐसी भी होती हैं जिन्हें सहना भी मुश्किल है। नोटबंदी के बीच देश से कुछ दर्दनाक खबरें भी आई हैं।
मोदी सरकार का ये फैसला लोगो के लिए जानलेवा बनता जा रहा है रोज बैंक की लाईन में खड़े परेशान लोगों की मरने की खबरे आ रही हैं जो बिना कुछ खाए पिए बैंक की कतारों में लग जाते हैं।
मुंबई में एक प्राइवेट अस्पताल ने नवजात को इसलिए एडमिट करने से मना कर दिया क्यूंकि बच्चे के पिता के पास हजार के नोट थे और अस्पताल ने वो नोट लेने से इनकार कर दिया। जिससे नवजात की मौके पर मौत हो गई।
Photo courtesy: indian expressराजस्थान के पाली ज़िले में चंपालाल मेघवाल के नवजात को एंबुलेंस ने अस्पताल ले जाने से इसलिए मना कर दिया क्यूंकि उनके पास 500 और 1000 के पुराने नोट थे। जब चंपालाल 100 के नोट लाए तो बहुत देर हो चुकी थी।
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में सरकार के इस फरमान से एक बुज़ुर्ग महिला की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
हैदराबाद में एक माँ ने अपनी बेटी की शादी के लिए कुछ दिन पहले ही ज़मीन बेचकर नकदी 54 लाख रुपए इकठ्ठा किए थे। लेकिन नोटबंदी की खबर से परेशान होकर इस माँ ने मौत को गले लगा लिया।
पश्चिम बंगाल के हावड़ा में एक पति ने अपनी पत्नी की जान सिर्फ इसलिए ले ली क्यूंकि वह एटीएम से नए नोट निकालने में नाकाम हो गई थी।
बिहार के कैमूर में एक पिता को यह डर था कि दहेज में बेटी के ससुराल वाले पुराने नोट लेने से इंकार कर देंगे। जिससे परेशान होकर पिता की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, केरल के थलासेरी में बिजली विभाग के एक कर्मचारी की पुराने नोट बदलने के लिए बैंक का चक्कर लगाने में सीढ़ी से फिसलकर मौत हो गई।
मुंबई में बैंक की लंबी लाइन में लगे एक बुज़ुर्ग की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
गुजरात के तारापुर में पुरानी नोटों को बदलने का इंतेज़ार करते हुए 47 वर्षीय एक किसान की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।