उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान मिठाई की दुकान के एक कर्मचारी की हत्या में शामिल होने के आरोप में 27 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि, संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में 53 लोगों की मौत हो चुकी है।
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि दिलबर सिंह नेगी का क्षत-विक्षत शव 26 फरवरी को ब्रह्मपुरी में बरामद हुआ था। वह उत्तराखंड का रहने वाला था और इलाके में एक मिठाई की दुकान पर काम करता था। दंगों के दौरान दर्ज हत्या के मामलों की जांच कर रही अपराध शाखा ने दिलबर सिंह नेगी की हत्या के आरोप में शाहनवाज को गिरफ्तार किया है और अन्य संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
Delhi Police: Crime Branch has arrested an accused Shahnawaz, in the murder/riot case of Gokulpuri which was registered after the body of one Dilbar Negi was found in mutilated condition in Anil Sweet House, Brijpuri on 26th February. #DelhiViolence pic.twitter.com/p07SjSUpZS
— ANI (@ANI) March 7, 2020
बता दें कि, संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा ने कई लोगों की जान ले ली। कई लोग बुरी तरह से घालय हो गए, जिसका अभी भी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। फिलहाल, स्थिति तो सामान्य हो रही है लेकिन हिंसा के दौरान हुई भयावहता सामने आ रही है। हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने सैकड़ों घरों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया था।
भड़की हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है। कई इलाकों में भड़की हिंसा में 56 पुलिसकर्मियों समेत करीब 200 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस हिंसा में हेड कांस्टेबल रतनलाल और इंटेलिजेंस ब्यूरो के अफसर अंकित शर्मा की भी मौत हो गई। (इंपुट: भाषा के साथ)