नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने शनिवार (11 नवंबर) को कहा कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड के साथ-साथ एटीएम भी अगले 3 से 4 साल में बेकार हो जाएंगे और वित्तीय लेन-देन के लिए लोग अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में 72 फीसदी जनसंख्या 32 साल से कम उम्र के लोगों की है। ऐसे में उसके लिए यह अमेरिका और यूरोप के देशों के मुकाबले जनसांख्यिकीय लाभांश की स्थिति दर्शाता है।
File photo: Abhijit Bhatlekar/Mintएमिटी यूनिवर्सिटी की नोएडा कैंपस में शनिवार को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजे गए कांत ने कहा कि, ‘भारत अगले 3-4 सालों में क्रेडिट-डेबिट कार्ड्स और एटीएम को तकनीकि रूप से अनावश्यक बना देगा। हम लेनदेन के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करेंगे।’
न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक कांत ने कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां एक अरब बायोमेट्रिक डेटा उपलब्ध हैं। इसके साथ ही मोबाइल फोन और बैंक खाते भी हैं, इसलिए भविष्य में यह एकमात्र देश होगा, जहां कई तरह की नई चीजें होंगी। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा वित्तीय लेन-देन मोबाइल फोन के जरिए किए जाएंगे और यह रुझान पहले से ही दिखने लगा है।
उन्होंने आगे कहा कि, ‘भारत करीब 7.5 प्रतिशत की गति से आगे बढ़ रहा है और दुनियाभर में बंजर आर्थिक परिदृश्य के बीच हरियाली है, लेकिन हमारी चुनौती और 9-10 फीसदी की गति से विकास हासिल करना है।’ उन्होंने कहा कि भारत एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है जोकि इतिहास में कभी-कभी ही होता है।
नीति आयोग के सीईओ ने कहा कि, ‘भारत की 72 फीसदी आबादी 32 साल से कम की है और 2040 तक हमारी जनसंख्या जवान और जवान होती जाएगी, जबकि अमेरिका और यूरोप की आबादी बूढ़ी और बूढ़ी होती जाएगी। हमें ऐसे समाज की जरूरत है जो हमेशा कुछ नया करे और यह बदलाव लाएगा।’