पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि को लेकर कांग्रेस ने साधा निशाना, कहा- सरकार कोरोना संकट के समय भी राहत नहीं दे रही

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कांग्रेस ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर शनिवार (13 जून) को आरोप लगाया कि सरकार लगातार पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ा रही है क्योंकि उसके पास राजस्व का कोई दूसरा साधन नहीं है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने यह भी दावा किया कि कोरोना संकट के समय भी भारत में पेट्रोल पर कर दुनिया में सबसे ज्यादा 69 फीसदी (बांग्लादेश के बाद) है और सरकार आम लोगों को कोई राहत नहीं दे रही है।

फाइल फोटो

गौरतलब है कि, पेट्रोल की कीमतों में शनिवार को 59 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 58 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई। कीमतों की समीक्षा 82 दिनों तक स्थगित रखने के बाद लगातार सातवें दिन पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 74.57 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 75.16 रुपये प्रति लीटर हो गई, वहीं डीजल के दाम 72.81 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 73.39 प्रति लीटर हो गए हैं। ख़बरों के मुताबिक, आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में ओर बढ़तरी हो सकती है।

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से वार्ता के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘‘मई 2014 में कच्चे तेल की कीमत 106 डॉलर प्रति बैरल थी तो देश में पेट्रोल की कीमत 71.40 रुपये प्रति लीटर थी। कच्चे तेल का दाम घटकर 38 डॉलर प्रति बैरल हो गया है लेकिन पेट्रोल की कीमत 75.14 रुपये प्रति लीटर हो गई है।’’ उन्होंने दावा किया कि सरकार अपना खजाना भर रही है, लेकिन बोझ आम लोगों पर पड़ रहा है।

कपिल सिब्बल के मुताबिक, पीएम मोदी ने गुजरात का सीएम रहते हुए कहा था कि पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी हो रही है जिससे साफ जाहिर है कि केंद्र सरकार विफल और निकम्मी है। उन्होंने कहा, ‘‘फरवरी, 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय मोदी ने कहा था कि मैं किस्मत वाला हूं और इसका जनता को फायदा हुआ है, ऐसे में किस्मत वाले को वोट दीजिए। मोदी जी से कहना चाहता हूं कि अब तो आप किस्मत वाले नहीं रहे क्योंकि जनता पर बोझ़ बढ़ रहा है। सरकार की किस्मत फूट रही है और वह जनता को लूट रही है। आप जवाब दीजिए कि ऐसा क्यों हो रहा है?’’

कांग्रेस नेता ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार, कार्यपालिका, न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसे लोकतंत्र के चार महत्वूर्ण पहिए ठीक से नहीं चल रहे हैं। उन्होंने दावा किया, ‘‘प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को देश की आर्थिक स्थिति के बारे में सही जानकारी नहीं है, इसलिए पेट्रोल एवं डीजल की कीमत लगातार बढ़ाई जा रही है। सरकार के पास राजस्व का कोई साधन नहीं है, इसलिए पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ा रही है।’’ एक सवाल के जवाब में सिब्बल ने यह भी कहा कि मौजूदा हालत में मतभेदों को भूलकर विपक्ष को एकजुट होना चाहिए।

देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत शनिवार को 59 पैसे बढ़कर 75.16 रुपये प्रति लीटर पर पहुँच गई। यह इस साल 18 जनवरी के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। डीजल भी 58 पैसे महँगा होकर 73.39 रुपये प्रति लीटर के भाव बिका जो 2 नवंबर 2018 के बाद का इसका अधिकतम खुदरा मूल्य है।

पेट्रोल की कीमत कोलकाता और मुंबई में 55-55 पैसे बढ़कर क्रमश: 77.05 रुपये और 82.10 रुपये प्रति लीटर पर पहुँच गई। चेन्नई में यह 51 पैसे बढ़कर 78.99 रुपये प्रति लीटर रही। डीजल कोलकाता में 53 पैसे महँगा होकर 69.23 रुपये, मुंबई में 55 पैसे महंगा होकर 72.03 रुपये और चेन्नई में 49 पैसे की वृद्धि के साथ 71.64 रुपये प्रति लीटर बिका। (इंपुट: भाषा के साथ)

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