डोकलाम मुद्दे पर चले लंबे संघर्ष के बाद अब एक बार फिर भारत और चीन एक दूसरे के आमने-सामने हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सैनिकों ने एक बार फिर अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सीमा का उल्लंघन किया है। रिपोर्ट की मानें तो देश के उत्तर-पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिक घुसे थे। हालांकि बाद में भारतीय सैनिकों की आपत्ति के बाद वापस भी चले गए। गौरतलब है कि इससे पहले चीनी सैनिकों ने इसी साल अगस्त में उत्तरांचल में घुसपैठ की थी।
Representational imageन्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि यह मामला वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अरुणाचल सेक्टर का है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये मामला 10 दिन पहले का है जब अरुणाचल सेक्टर में एलएसी का चीनी सैनिकों ने उल्लंघन किया था। हालांकि, भारतीय सैनिकों के समझाने पर वो वापिस सीमा पार लौट गए थे।
बताया जाता है कि दोनों सेनाओं ने एक तय प्रोटोकॉल के तहत इस मामले को सुलझाया। इसके बाद चीनी सैनिकों को अपनी सीमा में वापस लौटना पड़ा। आपको बता दें कि पिछले साल डोकलाम विवाद के बाद चीन संग भारत के रिश्तों में सुधार देखने को मिल रहा था। लेकिन एक बार फिर चीनी घुसपैठ का मामला सामने आ गया है।
Chinese soldiers crossed Line of Actual Control in the Arunachal Sector but returned when Indian Army conveyed to them that they have entered the Indian side. The incident happened 10 days back. Both the armies are resolving such matters as per a set protocol: Sources
— ANI (@ANI) October 15, 2018
हालांकि, समचाार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, घुसपैठ का यह मामला जुलाई का। रिपोर्ट के मुताबिक, इस जुलाई के महीने में चीनी सैनिकों का एक समूह अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा पार कर कुछ वक्त के लिए भारत की तरफ आ गया लेकिन भारतीय सुरक्षा कर्मियों के आपत्ति जताने पर वे वापस चले गए। सरकारी सूत्रों ने बताया कि यह ‘उल्लंघन नहीं था’ और वास्तविक नियंत्रण रेखा की अलग-अलग धारणा के कारण चीनी सेना के कर्मी भारतीय क्षेत्र में आ गए थे।
सूत्रों ने बताया कि यह घटना 25 जुलाई के आसपास की है। ईटानगर में सूत्रों ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश से लोकसभा सदस्य निनोंग इरिंग ने मीडियो रिपोर्टों और दिबांग घाटी में स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर घटना के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। पत्र में उन्होंने कहा कि सरकार को अरुणाचल प्रदेश में ‘चीनी उल्लंघन’ के मुद्दे को बीजिंग के साथ उठाना चाहिए।
चीन की सेना के करीब 300 सैनिकों ने जुलाई के शुरू में पूर्वी लद्दाख क्षेत्र के देमचोक इलाके में घुसपैठ की थी और चार तंबू गाड़ लिए थे। वे खानाबदोशों के रूप में भारतीय क्षेत्र में आए थे और तंबू गाड़ लिए थे। भारत के विरोध के बाद चीनी सेना के कर्मी बाद में वहां से चले गए थे। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे उल्लंघन असामान्य नहीं है, क्योंकि चीन और भारत दोनों की ही वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर अलग-अलग धारणाएं हैं।
आपको बता दें कि भारत नियमित तौर पर ऐसी सभी घटनाओं को चीनी अधिकारियों के साथ उचित स्तर पर उठाता है। भारत और चीन की करीब 4000 किलोमीटर लंबी सरहद है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, चीनी सेना द्वारा उल्लंघन कर भारतीय क्षेत्र में आने की घटनाएं 2017 में बढ़कर 426 हो गई थीं जो 2016 में 273 थी।