केंद्र की मोदी सरकार ने सोमवार (23 अक्टूबर) को जम्मू-कश्मीर को लेकर अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए एलान किया कि वह शांति प्रक्रिया के लिए जम्मू-कश्मीर के सभी पक्षों से बातचीत शुरू करने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्र के फैसले की जानकारी देते हुए सोमवार को कहा कि, ‘सरकार ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के पूर्व डायरेक्टर दिनेश्वर शर्मा को भारत सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर नियुक्त करने का फैसला किया है जो बातचीत की प्रक्रिया शुरू करेंगे।’
file photoराजनाथ सिंह ने कहा कि दिनेश्वर शर्मा को कैबिनेट सचिव स्तर का दर्जा दिया गया है। वे राज्य के चुने हुए प्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों, विभिन्न संगठनों और लोगों से बातचीत करेंगे। केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर वे निरंतर बातचीत और संवाद शुरू करेंगे।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर मसले को लेकर संजीदा हैं।
गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र के वार्ताकार के रूप में दिनेश्वर शर्मा वहां के युवाओं की अपेक्षाओं को विशेष तौर पर समझने की कोशिश करेंगे। उन्होंने बताया कि वार्ता के बाद वे केंद्र सरकार एवं जम्मू-कश्मीर सकरार से अपनी रिपोर्ट को साझा करेंगे। सिंह ने कहा है कि साफ नीयत व नीति से वार्ता होगी और दिनेश्वर शर्मा को कामकाज की पूरी आजादी होगी।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार सभी राजनीतिक पार्टियों और जम्मू-कश्मीर के सभी पक्षों से बातचीत करने जा रही है ताकि घाटी में शांति फिर से स्थापित हो। जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में बातचीत के लिए सरकार की पहल का स्वागत करती हूं। वार्ता समय की आवश्यकता है और आगे बढ़ने का एक मात्र तरीका है।