सेलिब्रिटी शेफ विकास खन्ना पिछले 26 सालों से रमजान के पवित्र महीने में पूरे नियम और आस्था के साथ रोजा रखते हैं। यह रोजा वो उस मुस्लिम परिवार के सम्मान में रखते थे जिन्होंने 1992 में मुंबई में हुए दंगों के दौरान उनकी जान बचाई थी।
इस साल उनकी मुलाकात फिर से उस परिवार से हो गई और इससे खन्ना काफी खुश है। जिसका ज्रिक उन्होंने सोशल मीडिया के जरीए किया है। ट्वीट कर खन्ना ने बताया कि उस परिवार को ढूंढकर वह काफी खुश हैं और इस बार अपना रमजान उनके साथ पूरा करेंगे।
शेफ विकास खन्ना ने मंगलवार(12 जून) को ट्वीट करते हुए लिखा, ‘दिलखुश कर देने वाली शाम। सारे दिल, आंसू, दर्द, गर्व, साहस, मानवता, सम्मान, यह मेरी जिंदगी की सबसे अहम और यादगार ईद होगी। मेरी आत्माओं से मिलाने के लिए सबका शुक्रिया।’
Heartwarming evening.
All Heart. Tears. Pain. Pride. Courage. Humanity. Gratitude. This will be the most significant and important EID of my life. Thank you everyone to connect me with my souls. pic.twitter.com/apdposBSDe— Vikas Khanna (@TheVikasKhanna) June 12, 2018
On the holy occasion of EID. May every home and heart be filled with abundance, happiness and peace. #EidMubarak
May this EID bring the world together. #Gratitude pic.twitter.com/jGgy0y44oQ— Vikas Khanna (@TheVikasKhanna) June 13, 2018
गौरतलब है कि, विकास खन्ना ने पिछले साल एक इंटरव्यू में इस वाकये का जिक्र करते हुए कहा था कि कर्फ्यू की वजह से स्टाफ का कोई व्यक्ति होटल से न तो बाहर जा पा रहा था और न अंदर आ पा रहा था। एक दिन उन्होंने अफवाह सुनी कि घाटकोपर में दंगों की वजह से कई लोग जख्मी हुए हैं। ऐसा सुनकर अपने भाई की चिंता में वह घाटकोपर की ओर दौड़े जबकि रास्ते की भी जानकारी नहीं थी।
रास्ते में एक मुस्लिम परिवार ने उन्हें दंगों के बारे में चेताया और शरण दी। जल्दी ही वहां भीड़ इकट्ठी हो गई और पूछने लगे कि घर में कौन आया है। इस पर मुस्लिम परिवार ने बताया कि वह उनका बेटा है, ऐसा सुनने के बाद भीड़ वहां से चली गई।
This is one of the happiest day of my life. @AnupamPKher ji had interviewed me last year for @republic & I shared the story of Muslim family that saved my life during riots.
WE FOUND THEM & today I shall break the fast with them
vikas khanna Anupam Kher https://t.co/wldNhL5it2— Vikas Khanna (@TheVikasKhanna) June 11, 2018
बता दें कि, साल 2015 में उन्होंने फेसबुक के जरिए उस घटना का जिक्र किया था। इसमें उन्होंने लिखा था, #सभी को रमजान मुबारक… मुंबई में दिसंबर 1992 में जब दंगे हुए उस समय वह सीरॉक शेरेटन में ट्रेनिंग ले रहा था और पूरा शहर जल रहा था, हम कई दिनों तक होटल में ही फंसे रहे। इकबाल खान और वसीम भाई (ट्रेनी शेफ और एक वेटर, जिनसे मेरा संपर्क हमेशा के लिए टूट गया) और उनके परिवार ने इस दौरान मुझे पनाह दी और खाना दिया। उस साल के बाद से मैं रमजान के पवित्र महीने में एक दिन रोजा रखता हूं और उन्हें मेरी दुआओं में याद करता हूं। सभी को प्यार।
सोशल मीडिया पर लोगों ऐसे दी बधाई :
You are the most important and significant connecting dot of my life… and when u get connected back to one of the most important dot of ur life…then it is such a great news…and emotional moment..to relive the past…
— Nvashi0323 (@nishavashi23) June 12, 2018
So happy to see you, it's Eyes soothing and Heart-warming to see your prettiest smile. Indeed this EID is super special for you, Vikas ji you're are Super special for us, from you we get to know the real meaning of festivals and colors in Life,The Utsav you Brought in Our lives
— Sonia (@Sonia1421__) June 12, 2018
Today i feel proud & energised by these incidents, for past few years I can clearly see the hatered between communities may god bless us and show us the right path and embrace each other with love JAI HIND @TOIIndiaNews
— riaz.re (@RIAZ04778608) June 13, 2018