CBI जज ने मीडिया को सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर ट्रायल की रिपोर्टिंग करने पर लगाई रोक

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गुजरात के बहुचर्चित सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति कथित फर्जी मुठभेड़ मामलों की सुनवाई कर रही मुंबई की एक विशेष केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अदालत ने मीडिया को अदालती कार्यवाही की रिपोर्टिंग करने से अगले आदेश तक बुधवार (29 नवंबर) को रोक दिया। दरअसल, सीबीआई जज ने यह आदेश उस खबर पर दिया है जिसमें कारवां मैगजीन (अंग्रेजी पत्रिका) ने पिछले दिनों सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई अदालत के न्यायाधीश बृजगोपाल लोया की अचानक हुई मौत पर सवाल उठाया था। न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, बचाव पक्ष के वकील ने एक अर्जी दी थी जिसके बाद अदालत का यह आदेश आया है। बचाव पक्ष के वकीलों ने सुरक्षा मुद्दों को उठाते हुए जस्टिस लोया की मौत के बारे में कारवां मैगजीन में आई  खबर का जिक्र किया। बता दें कि जस्टिस लोया इस मामले से जुड़े थे। बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि गलत रिपोर्टिंग ने दोनों ओर पूर्वधारणा बनाई है।

उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है और यदि रिपोर्ट के प्रकाशन की इजाजत दी गई तो कुछ अप्रिय घटना हो सकती है। विशेष जज सुनील कुमार जे शर्मा ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि रिपोर्ट (खबर) के प्रकाशन से आरोपियों, अभियोजन के गवाहों, बचाव पक्ष की टीम और अभियोजन को सुरक्षा की समस्या पैदा हो जाए। इसलिए वह बचाव पक्ष के वकीलों के अनुरोध को उचित पाते हैं।

जज ने कहा कि विषय की संवदेनशीलता को देखते हुए कुछ अप्रिय घटना होने की आशंका है, जिससे मुकदमा प्रभावित हो सकता है। सुनवाई बुधवार को शुरू होनी थी। वहीं, पत्रकारों ने बचाव पक्ष की इस दलील पर ऐतराज जताते हुए कहा कि कार्यवाही की रिपोर्टिंग सही उद्देश्यों को लेकर है ताकि लोग मामले की प्रगति जान सकें। गौरतलब है कि जज ने अदालत में मौजूद पत्रकारों को भी अपना पक्ष रखने की इजाजत दी थी।

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