सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस: बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI कोर्ट द्वारा मीडिया कवरेज पर लगाए गए प्रतिबंधों को किया खारिज

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गुजरात के बहुचर्चित सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस की मीडिया रिपोर्टिंग बैन करने के केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की विशेष कोर्ट के फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार (24 जनवरी) को पलट दिया है। सीबीआई कोर्ट द्वारा मीडिया कवरेज पर लगाए गए प्रतिबंधों को खारिज करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि सीबीआई अदालत ने अपनी शक्तियों से बाहर जाकर यह आदेश पारित किया।

पंजाब केसरी के मुताबिक, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के इस बात पर सहमति जताई कि दंड प्रक्रिया संहिता के तहत केवल हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को ही इस तरह के पाबंदी का आदेश जारी करने का अधिकार है। बता दें कि पिछले साल 29 नवंबर 2017 को सीबीआई कोर्ट ने सोहराबुद्दीन मामले के आरोपियों की ओर से दायर आवेदन पर मामले की मीडिया कवरेज पर रोक लगा दी थी। अदालत ने ये आदेश मामले में एक आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर की अर्जी पर दिया था।

जिसके बाद पत्रकारों के एक समूह और बृहन्मुंबई यूनियन आफ जर्नालिस्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट से गुजारिश की थी कि सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले की मीडिया कवरेज की अनुमति दी जाए। इससे पहले मंगलवार को अदालत ने तकरीबन 2 घंटे सभी पक्षों की दलीलें सुनीं। इस दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी व आरोपी के वकील व्यवस्था पर विश्वास रखें और यह बताएं कि निचली कोर्ट ने कौन से अधिकारों के तहत मीडिया कवरेज पर रोक लगाई गई है।

गौरतलब है कि इस मामले की सुनवाई मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत में चल रही हैं, जिसने बीते साल 29 नवंबर को बचाव पक्ष की एक अर्जी के बाद मीडिया को अदालती कार्यवाही की रिपोर्टिंग करने से रोक दिया था। अदालत के इस आदेश को ‘गैरकानूनी’ बताते हुए इसके खिलाफ राष्ट्रीय अखबारों, समाचार चैनल और न्यूज पोर्टल के 9 पत्रकारों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी।

पत्रकारों का कहना था कि यह मामला लोगों से जुड़ा है और इसमें कई पूर्व पुलिस अधिकारी आरोपी हैं, लिहाजा मामले में मौके पर कवरेज बेहद जरूरी है। याचिका में अनुरोध किया गया था कि बॉम्बे हाईकोर्ट संविधान की धारा 227 और अपराध दंड संहिता की धारा 482 के तहत मिले अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा 29 नवंबर 2017 को पारित आदेश को निरस्त करें।

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