भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने बुधवार(12 अप्रैल) को श्रीनगर लोकसभा सीट पर हुए उप-चुनाव में कम मतदान को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि ‘हिंसा बहुत हुई है, तो कोई भी अपनी जान खतरे में डाल के वोट करने नहीं आता है।’
फाइल फोटो: साभारसाथ ही बीजेपी नेता ने अलगाववादियों से बातचीत की वकालत करते हुए कहा कि इन दिनों, अगर आप अलगाववादियों से बातचीत की बात भी करो तो आपको एंटी नेशनल कहा जाता है। क्या इसका मतलब ये है कि अटलजी भी एंटी नेशनल थे? उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी अलगाववादियों से बातचीत के पक्षधर थे। इससे अटलजी आतंकवादी साबित नहीं हो जाते।
These days,if you talk of dialogue with separatists,then you are called anti-national.Does it mean Atalji was anti-national?:Yashwant Sinha pic.twitter.com/yNhF56BsbN
— ANI (@ANI) April 12, 2017
साथ ही यशवंत सिन्हा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला के बयान का बचाव करते हुए कहा कि फारुख अब्दुल्ला हमेशा राष्ट्रवादी रहे हैं। उपचुनाव के लिए राज्य में चुनाव प्रचार जोरों पर था। ऐसे में मुझे नहीं पता कि उनका बयान किस संदर्भ में आया।
बता दें कि फारूक अब्दुल्ला ने कुछ दिन पहले एक बयान दिया था कि जो युवा(कश्मीर में) पत्थरबाजी कर रहे हैं, उनका पर्यटन से कोई लेना-देना नहीं है। वे यह सब देश के लिए कर रहे हैं। वे अपना जीवन कुर्बान कर रहे हैं, ताकि समस्या का कोई समाधान निकल सके। वे अपना जीवन पर्यटन के लिए कुर्बान नहीं कर रहे है।
पाक के साथ रिश्तों पर बीजेपी नेता ने कहा कि, ’70 साल में पाकिस्तान से रिश्ते सुधर नहीं सके हैं। विश्वास नहीं होने के कारण ऐसा हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान की तरफ से नकारात्मकता खत्म नहीं होगी तब तक बातचीत का कोई अर्थ नहीं है।