देश भक्ति मापने का नया यंत्र कौन कितनी देर लाइन में खड़ा रह सकता है: भाजपा नेता राम माधव

0
देश में एटीएम के बाहर लंबी-लंबी कतारे लगी है जनता परेशान है लेकिन बीजेपी नेता एक के बाद एक विवादित बयान दे रहे है इस मुश्किल वक्त में एटीएम के बाहर लगी लाईनों को ही सीनियर बीजेपी लीडर राम माधव ने  कहा हैं कि ये देशभक्ति का इम्तिहान है  ट्वीट कर कहा- ‘मुश्किल वक्त में यह देशभक्ति का इम्तहान है।’
राम माधव ने ट्वीट में लिखा- ‘इन दिनों हम यह सब (लंबी-लंबी लाइनें) बहुत देख रहे हैं, यह देशभक्ति का इम्तहान है, वरना सामान्य दिनों में तो हर कोई देशभक्त बनता है।’

राम माधव ने इसके अलावा एक टीवी चैनल के वीडियो को भी एक कमेंट के साथ रिट्वीट किया है। जिसमें लिखा है- ‘देशभक्तों से मिलना चाहते हैं तो इसे देखें।’

राम माधव से पहले सोमवार को बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कई बार लोग राशन की लाइन में इंतजार करते-करते मर जाते हैं।

ये भी पढ़े-बीजेपी नेता का विवादित बयान कहा ‘लोग तो राशन की लाइन में भी मर सकते हैं’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि लोगों को मुश्किलें होंगी वो सह लें। लेकिन कुछ तकलीफें ऐसी भी होती हैं जिन्हें सहना भी मुश्किल है। नोटबंदी के बीच देश से कुछ दर्दनाक खबरें भी आई हैं। अब तक नोटबंदी के कारण 16 जान जा चुकी हैं।

सरकार की घोषणा के अनुसार 10 नवंबर से बैंकों में पुराने नोट बदले और पैसे निकाले जाने लगे लेकिन ज्यादातर जगहों पर कुछ ही देर में पैसे खत्म हो गए।

ये भी पढ़े-नोटबंदी का ये दर्द कौन देखेगा 6 दिन में अब तक 11 मौत, मरने वालों में ज्यादातर गरीब, मजदूर और किसान

वहीं 11 नवंबर से देश के सभी एटीएम में पैसे निकलने शुरू हुए लेकिन वहां भी स्थिति बैंकों जैसी ही रही है कुछ ही देर में पैसे खत्म हो गए। बैंकों में लोगों को 2000 के नए नोट दिए जा रहे थे जिसकी वजह से जिन्हें पैसा मिला उनके सामने खुले पैसों की दिक्कत आने लगी। पैसों की किल्लत देखते हुए सरकार ने रविवार को 500 के नए नोट जारी किए।

बता दें कि 8 नवंबर को नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोट बंद करने का एलान किया था, उन्होंने अनडिक्लेयर्ड कैश को मेनस्ट्रीम इकोनॉमी में लाने के लिए इस कड़े कदम को जरूरी बताया था।

Previous article‘India’s income will go up by 27 pc with women participation’
Next articleCash crunch: No respite from long queues at banks, ATMs