सरकार के एक तरफा श्रम सुधार और श्रमिक-विरोधी नीतियों के विरोध में केंद्रीय श्रमिक संघों ने मंगलवार (8 जनवरी) से दो दिन की देशव्यापी हड़ताल पर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय श्रमिक संघों के 20 करोड़ कर्मचारी मंगलवार से 2 दिन की देशव्यापी हड़ताल पर हैं। इनका आरोप है कि सरकार की नीतियां श्रमिक विरोधी हैं। इसके खिलाफ प्रदर्शन के लिए हड़ताल का फैसला लिया गया।

संघों ने सोमवार को एक संयुक्त बयान में सोमवार को जानकारी दी कि करीब 20 करोड़ कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल होंगे। हड़ताल के दौरान स्टेट बैंक की शाखाएं खुली रहने की उम्मीद है। इसके अलावा कुछ अन्य सरकारी बैंकों में भी कामकाज की उम्मीद है।
एटक की महासचिव अमरजीत कौर ने 10 केंद्रीय श्रमिक संघों की एक प्रेस वार्ता में पत्रकारों से कहा, ‘मंगलवार से शुरू हो रही दो दिन की हड़ताल के लिए 10 केंद्रीय श्रमिक संघों ने हाथ मिलाया है। हमें इस हड़ताल में 20 करोड़ श्रमिकों के शामिल होने की उम्मीद है।’
उन्होंने कहा, ‘बीजेपी नीत सरकार की जनविरोधी और श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ इस हड़ताल में सबसे ज्यादा संख्या में संगठित और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी शामिल होंगे।’ उन्होंने कहा कि दूरसंचार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कोयला, इस्पात, बिजली, बैंकिंग, बीमा और परिवहन क्षेत्र के लोगों के इस हड़ताल में शामिल होने की उम्मीद है। इससे इन सेक्टर की सेवाओं पर असर पड़ेगा।