जानिए, क्या है होली खेलने को लेकर मुस्लिम परिवार के साथ मारपीट के वायरल वीडियो की सच्चाई?

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सांप्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब को बरकरार रखने के लिए ईदगाह ऐशबाग, लखनऊ के इमाम व इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली और शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जब्वाद की होली के दिन जुमे की नमाज का वक्त आगे बढ़ाने की सलाह के बाद उत्तर प्रदेश के तमाम धर्म गुरुओं ने नमाज का वक्त एक घंटे तक आगे बढ़ा दिया, ताकी होली मना रहे हिंदुओं को कोई दिक्कत पेश ना आए।

लेकिन होली के दिन भी राज्य में कुछ ऐसे असामाजिक तत्व थे जिन्हें हिंदू-मुस्लिम के बीच यह भाईचारा पसंद नहीं आया। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि वायरल हो रहा वीडियो बिजनौर के स्योहारा का है। यह वीडियो होली के दिन का बताया जा रहा है।

दरअसल, वायरल हो रहे वीडियो में कुछ असामाजिक तत्व एक मुस्लिम परिवार के साथ मारपीट करते हुए नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि मुस्लिम परिवार द्वारा कथित तौर पर होली खेलने से इनकार किए जाने के बाद कुछ हिंदू समुदाय के युवकों ने उनके साथ मारपीट की और मना करने के बाद भी उनपर जबरन रंग डालने की कोशिश की।

वायरल हो रहे वीडियो में कुछ मुस्लिम महिलाएं भी शामिल हैं, जिनके साथ धक्का-मुक्की की जा रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि एक मुस्लिम परिवार जा रहा है, जिसमें महिलाएं अपने छोड़े बच्चों और एक युवक के साथ जा रही हैं।

तभी अचानक कुछ युवक आते हैं और मुस्लिम परिवार में शामिल एक युवक को अचानक मारने लगते हैं। इस दौरान कुछ असामाजिक तत्व भी उसके साथ मौजूद हैं। मुस्लिम परिवार की महिलाएं अपने घर के युवक को बचाने की कोशिश कर रही हैं, इस दौरान महिलाओं के साथ भी धक्का-मुक्की की गई।

यह वीडियो उत्तर प्रदेश के बिजनौर के स्योहारा का है।

यह वीडियो उत्तर प्रदेश के बिजनौर के स्योहारा का है। दावा है कि जबरन होली खेलने को लेकर कथित तौर पर कुछ असामाजिक तत्वों ने मुस्लिम परिवार के साथ मारपीट की। हालांकि पुलिस ने 'जनता का रिपोर्टर' से बात करते हुए इस वीडियो को फर्जी करार देते हुए दावा किया है कि यह आपसी विवाद का मामला है। पुलिस ने कहा कि शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।http://www.jantakareporter.com/hindi/attack-on-muslim-family-in-bijnor-up/175356/

Posted by जनता का रिपोर्टर on Sunday, 4 March 2018

पुलिस ने किया खारिज

हालांकि पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें कहा जा रहा है कि होली खेलने को लेकर मुस्लिम परिवार के साथ मारपीट की गई। स्योहारा पुलिस स्टेशन के एसओ धर्मपाल सिंह ने ‘जनता का रिपोर्टर’ से फोन पर बातचीत में कहा कि यह वीडियो फर्जी है और राज्य में सांप्रदायिक सौहार्य खराब करने की कोशिश के तहत इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वीडियो में जो दावा किया जा रहा है वह बिल्कुल गलत है, क्योंकि यह विवाद होली खेलने या रंग डालने को लेकर नहीं हुआ।

सिंह ने बताया कि हमने अपने स्तर पर इस मामले में जांच की है यह आपसी विवाद का मामला है। उन्होंने कहा कि अगर पीड़ित पक्ष इस मामले में हमारे पास शिकायत लेकर आता है तो मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ शख्स कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी ने बताया कि इस वीडियो के संबंध में फिलहाल अभी तक कोई भी व्यक्ति हमारे पास शिकायत लेकर नहीं आया है। उन्होंने कहा कि इस वीडियो को होली विवाद से जोड़कर फर्जी तरीके से शेयर किया जा रहा है, जबकि इस विवाद से होली या रंग का कोई संबंध ही नहीं है।

होली पर बदला जुमे की नमाज का वक्त

बता दें कि जुमे के दिन शुक्रवार को ही होली का त्योहार पढ़ने की वजह से सांप्रदायिक सद्भाव की अनूठी मिसाल पेश करते हुए उत्तर प्रदेश के मुस्लिम धर्मगुरुओं ने जुमे की नमाज का समय एक घंटा बढाने की अपील की, ताकि होली मना रहे हिंदुओं को कोई दिक्कत ना पेश आए। जिसके बाद ईदगाह में नमाज का समय एक घंटे बढा दिया गया।

धर्मगुरुओं ने कहा कि पूर्व में होली के मौके पर हिंसा हो चुकी है, जब होली खेल रहे लोगों ने नमाज पढ़ने जा रहे लोगों पर रंग लगा दिया। जिसके बाद हमने मिली जुली आबादी की संवेदनशीलता को देखते हुए ये फैसला किया। धर्मगुरुओं ने कहा कि इस फैसले से सकारात्मक संदेश जाएगा और यह धारणा खत्म होगी कि भारत में किसी तरह का सांप्रदायिक तनाव है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मदरसे में परोसा खाना और साथ में किया भोजन

इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस अधिकारियों ने होली पर सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और 2013 के दंगों के बाद दो समुदायों के बीच आई दरार को पाटने के लिए एसएसपी के मार्गदर्शन में एक सराहनीय पहल की। मुजफ्फरनगर जिले में होली के एक दिन पहले गुरुवार (1 मार्च) को हिंदू-मुस्लिम समुदाय के बीच आपसी धार्मिक सौहार्द, अमन व भाईचारे को कायम रखने के लिए पुलिस द्वारा काबिले तारीफ कदम उठाया गया।

दरअसल, मुजफ्फरनगर के एसएसपी अनंत देव तिवारी और एसपी नगर ओमवीर सिंह के मार्गदर्शन में जिले के कई थाना प्रभारी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने एक अनोखी पहल करते हुए होलिका दहन के दिन मदरसों के बच्चों को अपने हाथ से खुद भोजन परोसा और उनके साथ में खाना खाकर भाईचारे की एक अनोखी मिसाल पेश की। मदरसे के लोगों के साथ भोजन करने वाली यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।इस कार्यक्रम में शामिल महिला थाना प्रभारी मीनाक्षी शर्मा ने ‘जनता का रिपोर्टर’ से बातचीत में कहा कि 2013 में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद मुजफ्फरनगर का नाम से बदनाम हो गया। जिस वजह से यहां के लोगों को शर्मिंदगी महसूस होती है। शर्मा ने बताया कि होलिकादहन के दिन जिले के एसएसपी अनंत देव तिवारी के निर्देशानुसार जिले में एक बार फिर सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए यह अनूठा पहल किया गया।

उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि सांप्रदायिक दंगों के बाद भाईचारे में आई दरार को किसी भी तरह से पाटा जा सके। उन्होंने कहा कि यह पहल भले ही छोटी हो, लेकिन शुरूआत दंगों के दाग को मिटाने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी त्योहार किसी एक धर्म का नहीं होता है और विशेषकर भारत में सभी धर्मों के लोग एक साथ मिलकर एक दूसरे के त्योहार में शामिल होते हैं।

CM योगी ने दिया विवादित बयान

इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इलाहाबाद के फूलपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए विवादित बयान दिया है। इलाहाबाद के नवाबगंज में हुई चुनावी सभा में उन्होंने इस बार शुक्रवार को हुई होली और जुमा की नमाज का समय टकराने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा से ही जुमे पर होली को तरजीह मिली।

ABP न्यूज के मुताबिक सीएम योगी ने होली पर जुमे की नमाज़ का समय बदले जाने का श्रेय अपनी सरकार को देने की कोशिश करते हुए कहा कि, “साल में एक बार पड़ने वाले होली के त्यौहार का सभी को सम्मान तो हर हाल में करना ही होगा।” उन्होंने कहा कि, “अधिकारियों के साथ बैठक में हमने कहा होली साल में एक बार आती है जुमा साल में 52 बार आता है तो जुमे का समय आगे कर दिया जाए। होली धूमधाम से मनाई जानी चाहिए।”

हालांकि इस दौरान होली पर जुमे के नमाज का समय बदले जाने पर सीएम ने मुस्लिम धर्मगुरूओं और मुस्लिम समाज को धन्यवाद भी दिया। सीएम ने कहा कि, “मुस्लिम भईयों ने नमाज के समय को आगे करने की अपील को स्वीकार किया और होली खेलने दिया।” यह सुशासन का ही उदाहरण है कि मुस्लिमों के सहयोग से होली और जुमा सकुशल संपन्न हो गई।

 

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