मानहानि मुकदमा: केजरीवाल के बाद अब कुमार विश्वास ने भी अरुण जेटली से मांगी माफी, केंद्रीय मंत्री ने वापस लिया केस

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मानहानि केस में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल के बाद अब पार्टी के वरिष्ठ नेता और मशहूर कवि कुमार विश्वास ने भी दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीजीसीए) मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली से माफी मांग ली है। बता दें कि इससे पहले केजरीवाल के अलावा अाप के तीन अन्य नेताओं आशुतोष, राघव चड्ढा और संजय सिंह ने भी संयुक्त पत्र के माध्यम से जेटली से माफी मांगी ली थी, जिसके बाद विश्वास इस मामले में अकेले रह गए थे।

समाचार एजेंसी ANI के मुतााबिक वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आप नेता और कवि कुमार विश्वास पर किया मानहानि का मुकदमा वापस ले लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ दिन पहले ही विश्वास ने अरुण जेटली को एक पत्र लिखकर पूरे मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए खेद जताया था। इसी पत्र के आधार पर अरुण जेटली ने यह मुकदमा वापस ले लिया है। जेटली के वकील ने कहा है कि कुमार विश्वास ने चिट्ठी लिखकर केस वापस लेने की गुजारिश की थी और हमने उनकी माफी स्वीकार कर ली है।

मीडिया रिपोर्ट मुताबिक, विश्वास ने जेटली को लिखे पत्र में कहा है कि अपनी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के कहने पर ही उन्होंने, पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं और प्रवक्ताओं ने उनकी बात दोहराई थी। जेटली को लिखे पत्र में विश्वास ने आरोप लगाया कि अब केजरीवाल उनसे सम्पर्क नहीं में नहीं हैं और झूठ बोलकर खुद गायब हो गए हैं।

जेटली को लिखे पत्र में विश्वास ने केजरीवाल के लिए कहा, ‘अरविंद आदतन झूठे हैं और पार्टी कार्यकर्ता होने के नाते मैंने सिर्फ अरविंद की बात दुहराई थी।’ इस पत्र में विश्वास ने स्पष्ट किया है कि किस तरह केजरीवाल ने उन्हें, पार्टी कार्यकर्ताओं और देश को धोखे में रख कर कुछ तथाकथित सबूतों का हवाला देते हुए जेटली पर आरोप लगाए थे।

कुमार विश्वास ने माफी मांगने से किया था इनकार

बता दें कि केजरीवाल द्वारा माफी मांगे जाने के बाद आम आदमी पार्टी के संस्थापक रहे कुमार विश्वास ने साफ कर दिया था कि वे मानहानि मामले में वित्त मंत्री अरुण जेटली से माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने कहा था कि पहले पार्टी के 11 हजार कार्यकर्ताओं के खिलाफ देश भर में चल रहे मुकदमे वापस हों, वर्ना यह उनके साथ धोखा होगा।

केजरीवाल सहित उनकी पार्टी के नेताओं की ओर से जेटली से माफी मांगे जाने के बाद विश्वास ने पत्रिका से बातचीत में कहा था कि उन पर भी लगातार दबाव बनाया जा रहा था कि वे इस मामले में सुलह कर लें। लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया है।

उन्होंने कहा था, अगर मैंने इस मामले में माफी मांग ली तो यह उन 11 हजार कार्यकर्ताओं के साथ वादा खिलाफी होगी जो ऐसे ही विभिन्न मामलों में कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। सिर्फ दिल्ली में ही 2600 कार्यकर्ता हैं जिन पर ऐसे मुकदमे चल रहे हैं। आज भी सुल्तानपुर में एक मामले में सुनवाई थी। इसके लिए मैंने वकील को 40 हजार रुपए की फीस दी है।

कई नेताओं से माफी मांग चुके हैं केजरीवाल

बता दें कि कुमार विश्वास से पहले अरविंद केजरीवाल मानहानि के अलग-अलग मामलों में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, पंजाब के पूर्व मंत्री एवं अकाली दल के नेता विक्रम सिंह मजीठिया, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी और कांग्रेस नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और उनके पुत्र अमित सिब्बल से भी लिखित में माफी मांग चुके हैं।

दरअसल केजरीवाल पर उत्तर प्रदेश, पंजाब, असम, महाराष्ट्र, गोवा में भी मानहानि व चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के कई मामले दर्ज हैं। पिछले दिनों पार्टी प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा था कि ये मुकदमे हमें कानूनी मामलों में उलझाए रखने के लिए दर्ज कराए गए हैं। इन सभी मामलों को आपसी सहमति से सुलझाने पर विचार चल रहा है।

गौरतलब है कि केन्द्रीय मंत्री ने इन लोगों के खिलाफ 10 करोड़ रूपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया था। जेटली ने केजरीवाल और आप के पांच नेताओं के खिलाफ दिसंबर 2015 में एक मानहानि का मुकदमा दायर किया था। इन नेताओं ने जेटली पर दिल्ली और जिला क्रिकेट एसोसिएशन ( डीडीसीए ) के अध्यक्ष रहते हुये वित्तीय अनियमितता करने का आरोप लगाया था। बीजेपी नेता ने सभी आरोपों का खंडन किया था।

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