उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद राज्य की परिवहन निगम बसों और यूपी का एनेक्सी हाउस यानी लाल बहादुर शास्त्री भवन, बुलंदशहर के सिकन्द्राबाद में अनाज, फ़ल और सब्ज़ी मंडी समिति को पूरी तरह भगवा रंग में रगने के बाद अब इसी कड़ी में राज्य के पीलीभीत जिले में शिक्षकों के विरोध के बावजूद 100 से अधिक प्राइमरी स्कूलों को ‘भगवा रंग’ में रंग दिया गया है।
जिला पीलीभीत में 100 से ज्यादा प्राथमिक विद्यालयों का भगवा से रंग दिया गया। यह मामला उस समय जानकारी में आया, जब जिलाधिकारी सहित जिले के अधिकारियों ने स्कूलों की जांच की। इन स्कूलों में भगवा रंग देख जिलाधिकारी हैरान रह गईं।
उन्होंने तत्काल बदलवा कर सर्व शिक्षा अभियान से स्वीकृत रंग ही पुताई कराने का निर्देश दिया है। साथ ही आदेश दिया गया है कि किसी भी स्कूल का रंग नहीं बदला जाएगा। 100 से ज्यादा स्कूलों की अचानक भगवा हो जाना पूरे जिले में एक चर्चा का विषय बना हुआ है।
वहीं शिक्षकों का कहना है कि विरोध के बावजूद गांव के सरपंच ने इनको पेंट करवा दिया। ख़बरों के मुताबिक, यह भी कहा जा रहा है कि यह आदेश विभाग से नहीं बल्कि बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खुद जारी किए थे। इसके लिए बाकायदा सरकारी सर्कुलर भी जारी किया गया था।
Around 100 primary schools in Pilibhit district painted saffron, teachers say village headmen got them painted despite protests pic.twitter.com/zTaAayiejP
— ANI UP (@ANINewsUP) December 9, 2017
न्यूज़18 हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे मामले मे मुख्य विकास अधिकारी डॉ दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि ऐसा कोई भी आदेश नहीं है कि विद्यालयों का रंग भगवा किया जाए।
इसलिए जिलाधिकारी ने सर्वशिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत रंग सफेद रंग और हरी पट्टी की ही पुताई कराने का आदेश दिया है। साथ ही ये भी आदेश दिया है कि अगर अब भी विद्यालयों में भगवा रंग से पुताई होगी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि, इससे पहले 25 सितंबर को योगी सरकार ने भगवा रंग की बसें सड़कों पर उतारी थी। इन बसों को दीनदयाल उपाध्याय का नाम दिया गया था। भगवा रंग की इन 50 बसों को ‘संकल्प सेवा’ कहा गया था। उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम ने इन बसों को उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिये उतारा था जहां परिवहन की सुविधा काफी कमजोर है।
हालांकि, रंग तो अक्सर सरकारों के साथ बदल जाते हैं, लेकिन यूपी में कलर पॉलिटिक्स नई नहीं है। बता दें कि, यूपी की सत्ता में जब भी कोई पार्टी आती है तो वो बसों का रंग बदल देती है। सत्ता में बसपा आई थी, परिवहन निगम की बसों से लेकर रोड डिवाइडरों तक के रंग नीले होने लग गए थे।
वहीं, जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे तो बसें लाल और हरे रंग की होती थी। अब योगी सरकार भी कलर पॉलिटिक्स में कैसे पीछे रह सकती है। यही वजह है कि इमारतें भगवा रंग में रंगी जा रही है।