सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से बर्खास्त होने अनुराग ठाकुर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट को लगता है कि बीसीसीआई सेवानिवृत जजों के साथ अच्छा प्रदर्शन कर सकती है तो मेरी शुभकामनाएं उनके साथ है।
उन्होंने कहा कि ये उनकी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं रही और खेल की स्वायत्तता को लेकर वे जितना लड़ सकते थे, वे लड़े। सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ट्वीटर पर एक विडियो जारी करते हुए उन्होंने पक्ष रखा। उनका पूरा बयान कुछ तरह रहा।
“मुझे भारतीय क्रिकेट के सेवा का मौका मिला। पिछले कई सालों के दौरान भारतीय क्रिकेट ने प्रशासन और विकास के संबंध में श्रेष्ठ दिन देखे है। बीसीसीआई देश में खेल की सर्वश्रेष्ठ प्रशासनिक संस्था है।
भारत में क्रिकेट का सर्वश्रेष्ठ बुनियादी ढांचा है जिसे राज्यों की क्रिकेट एसोसिएशन ने बनाया है और उसका रखरखाव करती है। भारत के पास दुनिया के किसी भी देश के मुकाबले अच्छे खिलाडी है।
मेरे लिए यह व्यक्तिगत लड़ाई नहीं थी। मैंने ये लड़ाई संस्था की स्वायत्तता के लड़ी। मैं किसी अन्य नागरिक की तरह ही अगर सुप्रीम कोर्ट को लगता है कि बीसीसीआई सेनानिवृत्त जजों के तहत अच्छा काम कर सकती है तो मेरी शुभकानाएं उनके साथ है। मुझे यकीन है कि उनके मार्गदर्शन में भारतीय क्रिकेट अच्छा प्रदर्शन करेगी। मेरी प्रतिबद्धता खेल की स्वायत्तता के प्रति हमेशा बनी रहेगी।”
My statement on the Supreme Court @BCCI verdict. pic.twitter.com/cXvEx6eIU4
— Anurag Thakur (@ianuragthakur) January 2, 2017
My statement on the Supreme Court @BCCI verdict today. pic.twitter.com/4zZf44hTgf
— Anurag Thakur (@ianuragthakur) January 2, 2017