सर्जिकल स्ट्राइक का खुलासा सेना ने किया था, हम ने नहीं- अमित शाह

0

सर्जिकल स्ट्राइक पर राजनीति थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं कोई इस पर दावे कर रहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक हुआ है , कोई इसके सबूत मांग रहा है और कोई पोस्टर की आड़ में जो़रदार प्रचार-प्रसार करके अपनी सरकार को राजनीतिक लाभ दिलाने की कोशिश कर रहा है।

जिस तरह सर्जिकल स्ट्राइक का प्रचार मोदी सरकार और भाजपा सर्मथक कर रहे हैं अगर देश का कोई व्यक्ति सवाल उठाए तो मोदी सरकार द्वारा उन्हे आलोचना में घिरना पड़ जाता है।

कुछ राज्यों में चुनावी माहौल को गर्माने के लिए भाजपा के पोस्टरों में सेना के जवानों का सहारा लिया गया है वह निंदनीय है। अब मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी को भी चाहिए कि वह देश के लोगों की इस भावना को समझे और इसका कोई राजनैतिक फायदा उठाने का प्रयास न करे।

भाजपा कि लगातार निंदा होने के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस करके सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में कुछ ऐसा बोल गए जो एक नए विवाद को जन्म दे रहा है। अमित शाह ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी देने के लिए हमारी सरकार ने नहीं, बल्कि डीजीएमओ ने प्रेस कांफ्रेंस की थी।

शाह ने आगे कहा, “सर्जिकल स्ट्राइक का दावा हमने नहीं किया है, जनता के सामने इसको रखने का काम सेना ने किया है और सर्जिकल स्ट्राइक का दावा नेताओं को नही करना चाहिए सेना को करना चाहिए”।

जबकि हम आपकों बता दें कि किसी भी देश द्वारा किया जाने वाला सर्जिकल स्ट्राइक का निर्णय तीनों सेनाओं (जल, थल और वायु) का अध्यक्ष जो कि प्रधानमंत्री होता है और वही इस बात का निर्णय लेता है लेकिन शुक्रवार को अपनी प्रेस कांफ्रेंस में अमित शाह ने ऐसा क्यों बोला कि सर्जिकल स्ट्राइक का निर्णय भारतीय सेना का था

लेकिन ताज्जुब की बात ये है कि सर्जिकल स्ट्राइक का ज़ोर-शोर से  प्रचार करने वाली भाजपा सरकार अब इसका श्रेय भारतीय सेना को क्यों नहीं दे रही है? अभी तक कोई ऐसा पोस्टर या होर्डिंग नहीं दिखा जिसमें सेना को सर्जिकल स्ट्राइक के लिए श्रेय दिया गया हो।

सर्जिकल स्ट्राइक से सम्बंधित पोस्टर लगाए जाने पर अमित शाह ने सफाई देते हुए कहा कि अगर कोई तहसील स्तर का कार्यकर्ता पोस्टर लगाता है तो उससे भाजपा पार्टी नहीं जानी जाती। भाजपा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और राजनाथ सिंह और दूसरे पार्टी नेताओं की वजह से जानी जाती है।

 

Previous articleअमृतसर : महिलाओं के माथे पर पुलिसवालों ने गुदवाया ‘जेबकतरी’ 23 साल बाद पुलिसकर्मियों को हुई जेल
Next articleQuami Ekta Dal president Afzal Ansari meets Mulayam, announces joint rally