प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘हमेशा खलनायक की तरह पेश करने से कुछ हासिल नहीं होने’ संबंधी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश के बयान के समर्थन में शुक्रवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी और पार्टी सांसद शशि थरूर खुलकर सामने आए और कहा कि व्यक्ति की नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों एवं गलतियों की आलोचना होनी चाहिए। बता दें कि, अभिषेक मनु सिंघवी ने जयराम रमेश के बयान का समर्थन करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी को खलनायक की तरह पेश करना गलत है और ऐसा करके विपक्ष एक तरह से उनकी मदद ही करता है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने शुक्रवार(23 अगस्त) को अपने सहयोगी जयराम रमेश के बयान का हवाला देते हुए ट्वीट कर कहा था कि, “मैंने हमेशा कहा है कि मोदी को खलनायक की तरह पेश करना गलत है। सिर्फ इसलिए नहीं कि वह देश के प्रधानमंत्री हैं, बल्कि ऐसा करके एक तरह से विपक्ष उनकी मदद करता है।”
उन्होंने कहा, ”काम हमेशा अच्छा, बुरा या मामूली होता है। काम का मूल्यांकन व्यक्ति के आधार पर नहीं, बल्कि मुद्दों के आधार पर होना चाहिए। जैसे उज्ज्वला योजना कुछ अच्छे कामों में से एक है।”
Always said demonising #Modi wrong. No only is he #PM of nation, a one way opposition actually helps him. Acts are always good, bad & indifferent—they must be judged issue wise and nt person wise. Certainly, #ujjawala scheme is only one amongst other good deeds. #Jairamramesh
— Abhishek Singhvi (@DrAMSinghvi) August 23, 2019
कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने कुछ लोगों के ट्वीट का जवाब देते हुए रमेश के विचार का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं, मैं छह साल से यह दलील देते आ रहा हूं कि मोदी जब भी कुछ अच्छा कहते हैं या सही चीज करते हैं तो उनकी तारीफ करनी चाहिए। ऐसा करने के बाद जब हम उनकी गलतियों की आलोचना करेंगे तो हमारी बात की विश्वसनीयता बढ़ेगी। मैं विपक्ष के उन लोगों का स्वागत करता हूं जो मेरे विचार से मिलती-जुलती बात कर रहे हैं।’’
. As you know, I have argued for six years now that @narendramodi should be praised whenever he says or does the right thing, which would add credibility to our criticisms whenever he errs. I welcome others in Oppn coming around to a view for which i was excoriated at the time!
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) August 23, 2019
वहीं, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी और कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने सिंघवी के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा, ‘‘बिल्कुल सही है सर। राष्ट्र निर्माण निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जिसे सभी सरकारों ने आगे बढ़ाया है। आशा करती हूं कि मोदी जी और उनकी टीम को भी इसका अहसास है। पंडित नेहरू को गलत ढंग से पेश करने की बजाय उन्हें उनके और कांग्रेस के असीम योगदान को स्वीकार करना चाहिए तथा इसे आगे बढ़ाना चाहिए। नीतियों पर आलोचना होनी चाहिए, व्यक्तियों की आलोचना नहीं होना चाहिए।’’
Very true sir.Nation building is an ongoing process carried on by successive Govts.Hope Mr.Modi & team also realise this.Instead of trying 2 diminish Pt. Nehru they shd accept his & Congress’s immense contribution & carry it 4ward. Criticisms shd be on policies, not personalities https://t.co/Rrr5RXYeyH
— Sharmistha Mukherjee (@Sharmistha_GK) August 23, 2019
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की इन टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि इस बारे में बयान देने वाले नेताओं से ही सवाल किया जाए। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपसे (मीडिया) ये आग्रह करना चाहता हूं कि उनके बयान के ऊपर अगर आपको कोई प्रतिक्रिया चाहिए तो वो प्रतिक्रिया उनसे ले लीजिए। जहाँ तक कांग्रेस पार्टी का सवाल है, कांग्रेस पार्टी का ये मानना है कि इस देश में एक बहुत विकृत और एक बहुत जटिल आर्थिक संकट है और इस आर्थिक संकट से करोड़ों लोग बेरोजगार हो रहे हैं।’’
दरअसल, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बुधवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन का मॉडल ‘पूरी तरह नकारात्मक गाथा’ नहीं है और उनके काम के महत्व को स्वीकार नहीं करके और हर समय उन्हें खलनायक की तरह पेश करके कुछ हासिल नहीं होने वाला है। जयराम रमेश ने एक पुस्तक के विमोचन के मौके पर कहा कि यह वक्त है, जब हम मोदी के काम और 2014 से 2019 के बीच उन्होंने जो किया उसके महत्व को समझें, जिसके कारण वह सत्ता में लौटे। इसी की वजह से 30 प्रतिशत मतदाताओं ने उनकी सत्ता वापसी करवाई।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘वह (मोदी) ऐसी भाषा में बात करते हैं जो उन्हें लोगों से जोड़ती है। जब तक हम यह न मान लें कि वह ऐसे काम कर रहे हैं जिन्हें जनता सराह रही है और जो पहले नहीं किए गए, तब तक हम इस व्यक्ति का मुकाबला नहीं कर पाएंगे।’
जयराम रमेश ने राजनीतिक विश्लेषक कपिल सतीश कोमीरेड्डी की किताब ‘मालेवॉलेंट रिपब्लिक: ए शॉर्ट हिस्ट्री ऑफ द न्यू इंडिया’ का विमोचन करते हुए ये बातें कहीं। बता दें कि, लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा को 37.4 प्रतिशत वोट मिले जबकि एनडीए को कुल मिलाकर 45 प्रतिशत वोट हासिल हुए। (इंपुट: भाषा के साथ)