जहां एक तरफ केन्द्र सरकार आधार कार्ड पर जोर देने में लगी है वहीं दूसरी और राजस्थान में जैसलमेर के पोखरण इलाके के पाबुपाडिया गांव में ई-मित्र संचालकों की गड़बड़ी की वजह से आधार कार्ड बनाने में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस गांव के सभी लोगों के आधार कार्ड पर एक ही जन्म तिथि दर्ज कर दी गई है। इस गांव के लोगों के आधार कार्ड पर सब की जन्म तिथि एक जनवरी ही दर्ज की गई है।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जब लोगों ने इस बारे में अधिकारियों को बताया तो उन लोगों ने इस पर कोई कार्रवाई करना तो दूर इस मुद्दे पर चर्चा तक नहीं की। पाबुपाडिया डिडानिया ग्राम पंचायत के तहत आता है, ग्रामीण क्षेत्र के लोग इससे परेशान हैं। पाबुपाडिया गांव की आबादी करीब 250 की है, वहीं कई लोग पोखरण में जा बसे हैं। यहां रहने वाले सभी लोगों की जन्मतिथि एक जनवरी ही है।
इस गांव के साथ-साथ ग्राम पंचायत मानासर और भूर्जागढ़ के तहत आने वाले गांवों के ग्रामीणों के भी आधार कार्ड में जन्म तिथि एक जनवरी ही दर्ज की गई है। यानी आधार कार्ड के आधार पर पूरे गांव की जन्म तिथि एक ही दिन है। बता दें कि, यह गांव पाकिस्तान सीमा से नजदीक है। बता दें कि, इससे पहले झारखंड में लाखों लोगों के आधार नंबर लीक होने का मामला सामने आया चुका है।
इसके अलावा पिछले दिनों क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की आधार डिटेल एक कॉमन सर्विस सेंटर ने लीक कर दी थी। इस पर उनकी पत्नी साक्षी ने ट्वीट के जरिए सरकार से शिकायत की थी। इसके बाद सरकार ने डेटा लीक करने वाली कंपनी सीएससी को 10 साल के लिए सस्पेंड कर दिया था।