कांग्रेस शासित मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के प्रशासन ने गोहत्या के मामले में तीन मुस्लिम आरोपियों पर खतरनाक एक्ट राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की है। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद गोहत्या पर एनएसए की यह पहली कार्रवाई है। गोवंश की हत्या से सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने की आशंका थी। खंडवा सांप्रदायिक तौर पर बेहद संवेदनशील इलाका माना जाता है।

मोघाट की पुलिस ने राहुल उर्फ नदीम और शकील को शुक्रवार को खारकैली गांव से गिरफ्तार किया था। जबकि तीसरा आरोपी आजम मौके से फरार होने में कामयाब हो गया था, जिसे सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। खंडवा के एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने द इंडियन एक्सप्रेस से पुष्टि की है कि इन आरोपियों के खिलाफ एनएसए में कार्रवाई हुई है।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने मंगलवार को बताया, ‘मोघट थाने के खरखाली गांव में गोहत्या के मामले में दो आरोपियों को शुक्रवार को पकड़ा गया था, वहीं तीसरा आरोपी सोमवार को पकड़ा गया। तीनों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी से सिफारिश की गई, जिसे जिलाधिकारी ने मंजूरी दे दी।’
बहुगुणा ने एनएसए लगाने की हिमायत करते हुए कहा कि खंडवा साम्प्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाका है, इसलिए आरोपियों पर रासुका लगाना जरूरी था। आईएएनएस के मुताबिक, बहुगुणा ने कहा कि राजू उर्फ नदीम आदतन अपराधी है और पूर्व में भी गोहत्या के मामले में पकड़ा जा चुका है। इसके अलावा नदीम के भाई शकील और आजम पर भी एनएसए की कार्रवाई की गई है।
बहुगुणा ने कहा, ‘नदीम आदतन अपराधी है और कई अन्य वारदातों को अंजाम दे चुका है। यह सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाका है और इस तरह की घटना सांप्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ सकती है। लिहाजा एनएसए की कार्रवाई की गई है।’ बता दें कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के स्याना तहसील में पिछले वर्ष दिसंबर महीने हुई गोकशी की कथित घटना के संबंध में गिरफ्तार तीन मुस्लिम युवाओं पर भी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया गया था।