जम्मू-कश्मीर के शोपियां में एक 19 महीने हिबा की बच्ची पैलेट गन का शिकार हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना बीते रविवार यानी 25 नवंबर की है। बच्ची अपने घर के अंदर थी तभी एक पैलेट गन उसकी दाई आंख पर आकर लग गई। जिसके बाद उसे फौरन अस्पताल ले जाया गया। इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची की हालत नाजुक है। फिलहाल बच्ची श्रीनगर के महाराजा हरि सिंह अस्पताल के नेत्ररोग विभाग में भर्ती है।
Photo: The Indian Expressश्रीनगर के इस अस्पताल में पेलेट गन से घायल एक दर्जन लोग भर्ती हैं लेकिन हिबा इन में में सबसे छोटी है जो पैलेट गन का शिकार हुई है। दरअसल, रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार की सुबह एक एनकाउंटर के दौरान सुरक्षाबलों और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हो गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस झड़प के दौरान एक स्थानीय नागरिक की मौत हो गई थी। वहीं, 50 अन्य घायल हो गए थे। हिबा भी इसी दौरान घायल हो गई थी।
द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, बच्ची की मां मसरत जन ने बताया कि वह अपने दो भाई बहनों और दो बच्चों पांच साल के बेटे और 19 महीने की बेटी हिबा के साथ कपरान में रहती हैं। उन्होंने बताया, ‘6 आतंकियों के मारे जाने के बाद मेरे घर के बाहर बहुत हंगामा हो रहा था। लोग सुरक्षाबलों पर पथराव कर रहे थे। उन्हें रोकने के लिए सुरक्षाबलों ने टीअर गैस और पेपर गैस छोड़ी। यह गैस मेरे घर के अंदर भर गई।’
मसरत ने अखबार को बताया, ‘घर के अंदर बहुत ज्यादा गैस भर गई तो सांस लेने में तकलीफ होने लगी। हम लोगों ने दम घुटने से बचने के लिए घर का दरवाजा खोला। दरवाजा खोलते ही सुरक्षाबलों ने मेरे और मेरी बच्ची के ऊपर पैलेट गन चला दी। पैलेट गन मेरी बच्ची को लगी। उस समय मेरे पति भी घर पर नहीं थे।’
@mehdizafarउन्होंने अखबार को आगे बताया, ‘जैसे ही पैलेट गन मेरी बच्ची की आंख में लगी उसे बचाने के लिए मैंने अपना हाथ लगाया तो दूसरी पैलेट गन मेरे हाथ में आकर लग गई। वहीं, मैंने अपने बेटे को बचाने के लिए अपने दूसरे हाथ से उसे एक तरफ धक्का दिया।’ 19 माह की इस बच्ची हिबा की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर इन दिनों खूब वायरल हो रही है।
डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है। उसकी एक आंख की रोशनी जा सकती है। बच्ची का परिवार शोपियां जिले के बाटागुंड के कपरीन में रहता है, जहां रविवार की सुबह एनकाउंटर हुआ था। घटना के बाद हिबा को शोपिया के एक अस्पताल में ले जाया गया और फिर यहां से उसे श्रीनगर रेफर कर दिया गया।