योगी राज में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में तीन गांवों के 180 दलित समुदाय के परिवारों ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया है। इन लोगों का आरोप है कि योगी सरकार में दलितों पर बहुत ज्यादा अत्याचार हो रहा है, इसीलिए उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाने का फैसला किया है। साथ ही उन्होंने नहर में देवी-देवताओं की मूर्तियों को विसर्जन कर दिया। इस दौरान 180 परिवारों द्वारा बौद्ध धर्म अपनाने का दावा किया गया है।
फोटो: अमर उजालामीडिया रिपोर्ट के मुताबित, सहारनपुर में फैली हिंसा के दौरान सामने आई भीम आर्मी पर दंगे फैलाने के आरोप लगने के बाद इन तीनों गांवों के दलित नाराज हैं। दलित समुदाय के लोगों का आरोप है कि पुलिस साजिश के तहत भीम आर्मी को बदनाम करने के लिए दंगा फैलाने का आरोप लगा रही है।
यही वजह है कि इन लोगों का भारतीय जनता पार्टी और हिंदू धर्म से मोहभंग हो गया है। सहारनपुर हिंसा के बाद गांव रूपड़ी, ईगरी व कपूरपुर के 180 परिवारों ने सामूहिक रूप से बौद्ध धर्म अपनाया है। लोगों का आरोप है हिंसा के बाद पुलिस-प्रशासन उनपर उत्पीड़न कर रही है।
दलित समुदाय से जुड़े इन लोगों ने अपने घर में रखीं देवी देवताओं की प्रतिमाओं को नहर में विसर्जित कर दीं। धर्म परिवर्तन की घोषणा की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने दलितों को मनाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।
फोटो: अमर उजालाअमर उजाला के मुताबिक, बौद्ध धर्म अपनाने का दावा करने वालों में नरेंद्र गौतम, रोहित गौतम, दीपक कुमार, पंक्ति गौतम, अश्वनी गौतम, कुलदीप गौतम, सोनी गौतम, कल्पना गौतम, रचना गौतम, आरती गौतम, अनारकली, मनोज, लोकेश, डॉ. बलराम, नरेंद्र, सुदेश, मैना, रीना, सावित्री, शुभम सहित अन्य लोग शामिल हैं।