देश को झकझोर कर रख देने वाले ’16 दिसंबर’ गैंगरेप के मामले में अदालत का फैसला आ गया है। फैसले के मुताबिक नाबालिग दोषी को रविवार को रिहा किया जाएगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने उसकी रिहाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
सुधारगृह में 3 साल रहने की सजा पूरी हो जाने के बाद कोर्ट ने औऱ अधिक दिनों तक सुधारगृह में रखने से इनकार कर दिया है। केंद्र सरकार ने इस मामले में नाबालिग दोषी की रिहाई का विरोध किया था और कहा था कि पहले वह खुद सुधरने का भरोसा दिलाए।
दरअसल नाबालिग दोषी अब 20 साल का हो चुका है और जिस समय उसने अपराध किया वह 18 साल से कम उम्र का था। यही कारण है कि केंद्र ने नाबालिग दोषी को बाल सुधार गृह में रखे जाने की अवधि बढ़ाए जाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट से अपील की थी।
केंद्र ने कहा था कि नाबालिग दोषी की रिहाई के बाद उसके पुनर्वास की योजना में कई आवश्यक बातें नदारद हैं, जिन पर उसकी रिहाई से पूर्व विचार किए जाने की आवश्यकता है।
वहीं पीड़िता की मां ने बीते 16 दिसंबर को अपनी बेटी को साहसिक श्रद्धांजलि देते हुए उसका नाम सार्वजनिक रूप से लिया और कहा था कि बलात्कार जैसे घिनौने अपराध करने वाले लोगों को अपने सिर शर्म से झुकाने चाहिए, न कि पीड़ितों या उनके परिवारों को।