नई दिल्ली। भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई पर 2008 में हुए आतंकी हमलों के जिम्मेदार आतंकी हाफिज सईद को नजरबंद करवाने के बाद ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को एक और झटका दिया है। अब अमेरिका ने पठानकोट हमले के मास्टर माइंड और जैश ए मोहम्मद चीफ आतंकी मसूद अजहर पर बैन लगाने के लिए मंगलवार(7 फरवरी) को संयुक्त राष्ट्र में अर्जी दी है। हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी अमेरिका की इस अर्जी का चीन ने पुरजोर विरोध किया है।
इससे पहले पिछले साल भी 30 दिसंबर को चीन ने अजहर को आतंकवादी घोषित कराने के भारत के प्रस्ताव पर भी अड़ंगा लगा दिया था, जिसके बाद भारत ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था। भारत की तरफ से भी एक प्रस्ताव फरवरी 2016 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति को सौंपा गया था। चीन को छोड़कर सुरक्षा परिषद के बाकी 14 सदस्य देश मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने के पक्ष में थे।
अमेरिका से पहले यूरोपियन यूनियन ने भी चीन से अपील की थी कि वह मसूद अजहर पर अपने रुख पर एक बार फिर से विचार करे। मसूद अजहर वही आतंकी है जिसे वर्ष 1999 में एयर इंडिया की फ्लाइट आईसी814 की हाइजैकिंग के समय भारत ने छोड़ा था। आज वही आतंकी भारत के लिए नासूर बन गया है। लश्कर-ए-तैयबा की तर्ज पर अब वह भी कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में लगा हुआ है। किसी को यकीन नहीं होता है कि एक हेडमास्टर का बेटा भारत का मोस्टवांटेड आतंकी भी बन सकता है।