सपा की पहले सूची जारी होने के बाद से कांग्रेस के साथ होने वाले गठबंधन पर फिर रहस्य बन गया है। सपा उम्मीदवारें की सूचियां जारी होने के साथ ही कांग्रेस के साथ उसके गठबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सपा ने इस सूची में कांग्रेस की कब्जे वाली मथुरा, किदवई नगर, बिलासपुर, शामली जैसी सीटों पर भी अपने उम्मीदवार उतारने का दावा किया है जबकि कांग्रेस ने यहां अपना दाव ठोक रखा था।
सपा की लिस्ट आने के बाद कांग्रेस समर्थकों ने राहुल गांधी के समर्थन में नारे बाजी की। समर्थकों ने सपा के खिलाफ भी नारेबाजी की। इंडियन एक्सप्रेस को जानकारी मिली कि पार्टी दफ्तर में और उसके बाहर ‘राहुल तेरा अपमान नहीं सहेंगे’ के अलावा ‘जो ना हुआ बाप का…वो क्या होगा आप का’ जैसे नारे लग रहे थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सपा की तरफ से जारी उम्मीदवारों की लिस्ट पर बब्बर ने कहा कि सभी पार्टियों को अपनी लिस्ट जारी करने का अधिकार है।
सपा और कांग्रेस के बीच विवाद इसलिए भी बढ़ता दिख रहा है कि सपा की जारी लिस्ट के मुताबिक कई सीटें ऐसी हैं जहां पर कांग्रेस विजय रहे है और गठबंधन के ऐलान के बाद उसके उम्मीदवारों को टिकट मिलने की उम्मीद थी लेकिन वहां सपा ने अपने उम्मीदवार दिखाए।
सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमंय नंदा ने जाहिर किया है कि गठबंधन को लेकर कांग्रेस का रुख सकारात्मक नहीं है और कांग्रेस केवल 54 सीटों की हकदार है। नन्दा ने कहा कि इस हिसाब से कांग्रेस को 54 सीटें का ही हकदार होना चाहिए।