प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निराशाजनक भाषण के लिए उन्हें आड़े हाथ लेते हुए कांग्रेस ने सवाल किया कि उन्होंने यह क्यों नहीं बताया कि सरकार नोटबंदी के जरिए पिछले 50 दिनों में कितने लाख करोड़ का काला धन खत्म करने में कामयाब रही ?
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था की कमर टूट गई है, लेकिन प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कई अहम सवालों के जवाब नहीं दिए।
उन्होंने कहा, श्रीमान प्रधानमंत्री, लोग जानना चाहते थे कि पिछले 50 दिनों में आपने कितने लाख करोड़ का काला धन खत्म किया । आपने इस बारे में क्यों नहीं बोला ?
सुरजेवाला ने कहा, हम प्रधानमंत्री के भाषण से निराश हैं क्योंकि कई सवालों के जवाब नहीं दिए गए । उनके फैसले से अर्थव्यवस्था की कमर टूट गई । देश इस तरह नहीं चल सकता। खबरों में छाए रहना उनका चरित्र हो चुका है। उनके फैसले ने देश को पंगु बना दिया है। देश इस तरह नहीं चल सकता।”
कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी से अपील की कि वह पैसे निकालने पर लगी सीमा में ढील दें ।
इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एनसीपी ने कहा कि मोदी द्वारा राष्ट्र का संबोधन आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर दिया गया एक बजट भाषण था ।
एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने पीटीआई-भाषा को बताया, संसद में बजट पेश करने की बजाय, मोदी ने टीवी पर अपने संबोधन में बजट भाषण दिया ।
उन्होंने कहा, यदि आतंकवाद और जाली नोटों पर लगाम लगाने के लिए बड़े नोट बंद किए गए थे, तो 2000 के नोट चालू करने का क्या मकसद है । मोदी इस सवाल का जवाब देने में नाकाम रहे । घोषित की गई ज्यादातर योजनाएं पहले से अस्तित्व में हैं ।
मलिक ने कहा, मोदी ने सिर्फ नगद अंतरण की घोषणा की । प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि शहरों में नौ लाख और 12 लाख रूपए में मकान मिलते हैं क्या ? किसानों के मामले में, जहां दो फीसदी की ब्याज दर से फसल कर्ज दिया जाता है, तो ऐसे में चार फीसदी की सब्सिडी कैसे काम करेगी । यह चुनावों से पहले लोगों को प्रभावित करने के लिए किया गया है ।