टॉइम्स नॉउ के पूर्व एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने अपने टॉक शो न्यूज़ ऑवर में चिल्लाने का ‘राज’ खोला हैं। जिस शो को अक्सर एक शोर शराबे वाला टॉक कहकर मज़ाक भी उड़ाया जाता रहा है। इस पर दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोस्वामी ने कहा कि ‘इस देश में अगर चिल्लाओगे नहीं तो कोई आपको सुनेगा नही।
अपने पत्रकारिता कैरियर के कई उदाहरणों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे राजनीतिक कठपुलतियो तब माकपा के आकाओं के लोगों द्वारा परेशान किया गया उनके इंटरव्यू के दौरान। फिर उसके बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे ज्योति बसु के साथ अपने साक्षात्कार के दौरान।
विवादास्पद पत्रकार ने कहा है कि मैं इतना परेशान हो गया था जब मुझे प्रकाश करात से माफी मांगने के लिए धमकी मिली कि अगर मांफी नहीं मांगी तो भूख हड़ताल शुरु कर देंगे।
एक दूसरी घटना को याद करते हुए गोस्वामी ने कथित आरोप लगाया कि मेरे पूर्व एनडीटीवी के मालिक ने मुझे कानून मंत्री रमाकांत खलप से माफी मांगने के लिए मजबूर किया था। क्योंकि उनके अनुसार मैंने कठिन सवाल पूछ कर कानून मंत्री को दुखी कर दिया था।
खलप को एक “आडम्बरपूर्ण वाला राजनीतिज्ञ,” बुलाते हुए गोस्वामी ने कहा, “मैं एक प्राइवेट टीवी रिपोर्टर था, लेकिन मुझसे कानून मंत्री से माफी मांगने के लिए कहा गया था।”
अर्नब ने कार्यक्रम में कहा कि वो राष्ट्रवादी होने पर गर्व करते हैं। अरनब ने कहा कि भारतीय मीडिया राष्ट्रवाद और देशद्रोह के बीच फंसी है और देशद्रोहियों की मीडिया में कोई जगह नहीं है।
अरनब ने कार्यक्रम में कहा कि वो भारत-पाकिस्तान के मसले पर न्यूट्रल (तटस्थ) नहीं हो सकते।


















