500, 1000 के नोटों को चलन से हटाना कालेधन पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ : राजस्व सचिव

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बाजार से मौजूदा 500 और 1,000 रुपये के नोटों को हटाने का सरकार का फैसला नकली नोट और कालेधन पर एक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ या नाप-जोख कर किया गया हमला है। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने यह बात कही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1,000 रुपये के नोट चलन से वापस लेने के फैसले की घोषणा की।

भाषा की खबर के अनुसार, उन्होंने कहा कि मंगलवार मध्यरात्रि से 500 और 1,000 रुपये के नोट अवैध हो जाएंगे और उनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। सरकार के इस कदम को कालेधन और नकली नोटों के खिलाफ बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

अधिया ने ट्वीट कर कहा, ‘कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार की तरफ से उठाया गया यह सबसे साहसिक और बड़ा कदम है। यह कालेधन के खिलाफ एक तरह की सर्जिकल स्ट्राइक है।
वित्त सचिव अशोक लवासा ने कहा कि देश के लिये परेशानी का सबब बन चुके कालेधन और नकली मुद्रा के खिलाफ सरकार की तरफ से उठाया गया यह एक और कदम है। लवासा ने ट्वीट कर कहा, ‘लोगों को इसे समझना चाहिए, सहयोग करना चाहिए और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करना चाहिए।’

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि जिन लोगों के पास 500 और 1,000 रुपये के नोट जमा हैं, उसे बैंक अथवा डाकघर में 10 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच बदला जा सकेगा।

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