कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल के ताजा बयान को लेकर सोमवार को कहा कि यह कांग्रेस के लिए आत्मविश्लेषण, चिंतन और विचार-विमर्श करने का समय है।
दरअसल, सिब्बल ने अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए साक्षात्कार में कहा है कि ऐसा लगता है कि पार्टी नेतृत्व ने शायद हर चुनाव में पराजय को ही अपनी नियति मान ली है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार ही नहीं, उपचुनावों के नतीजों से भी ऐसा लग रहा है कि देश के लोग कांग्रेस पार्टी को प्रभावी विकल्प नहीं मान रहे हैं।
सिब्बल ने सोमवार को अपने इस साक्षात्कार का लिंक साझा करते हुए ट्वीट किया तो इसे रिट्वीट करते हुए कार्ति चिदंबरम ने कहा, ‘‘यह आत्मविश्लेषण, चिंतन और विचार-विमर्श करने का समय है।’’
It’s time we introspect, ideate, consult & act @INCIndia https://t.co/Rz4mtA6eu1
— Karti P Chidambaram (@KartiPC) November 16, 2020
उल्लेखनीय है कि, बिहार के हालिया विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की घटक कांग्रेस सिर्फ 19 सीटों पर सिमट गई, जबकि उसने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के सत्ता से दूर रह जाने का एक प्रमुख कारण कांग्रेस के इस निराशाजनक प्रदर्शन को भी माना जा रहा है।
इससे पहले बिहार कांग्रेस के बड़े नेता तारीक अनवर ने भी कहा था कि बिहार चुनाव परिणाम पर पार्टी के अंदर मंथन होना चाहिए। आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने भी इशारों-इशारों में कह दिया कि कांग्रेस देशभर में अपने गठबंधन सहयोगियों पर बोझ बनती जा रही है और उसकी वजह से हर जगह गठबंधन का खेल खराब हो रहा है।
गौरतलब है कि, 243 सदस्यों वाली बिहार विधान सभा के चुनाव नतीजों में 75 सीटों के साथ राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि 74 सीटों के साथ भाजपा दूसरे नंबर पर रही है। नीतीश कुमार की पार्टी 43 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर है। सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए को 125 सीटों के साथ बहुमत हासिल हुआ है। वहीं, विपक्षी महागठबंधन 110 सीटें जीतने में कामयाब रहा है।