कुख्यात अपराधी एवं उत्तर प्रदेश के कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले का मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सोमवार को सामने आई। रिपोर्ट में बताया गया कि गैंगस्टर विकास की मौत गोली लगने के बाद हेमरेज (खून बहने) और सदमे की वजह से हुई। रिपोर्ट में विकास के शरीर पर 10 जख्म होने की बात कही गई है। पोस्टमर्टम रिपोर्ट में गोली लगने के बाद अधिक खून बहने से हेमरेज के कारण मौत बताई गई है।
एनकाउंटर में विकास दुबे के तीन गोलियां आरपार हुई थीं। शरीर में 10 जख्म थे। इनमें से 6 गोली लगने के हैं। बाकी के बारे में कहा जा रहा है कि भागने के दौरान गिरने की वजह से लगी चोटें हो सकती हैं। पहली गोली दाहिने कंधे और अन्य दो गोलियां बाएं सीने में लगी थीं। इसके अलावा दाहिने हिस्से में सिर, कोहनी, पसली और पेट में चोटें हैं। फोरेंसिक एक्सपर्ट के मुताबिक पोस्टमर्टम रिपोर्ट में दस इंजरी का जिक्र है। विकास दुबे की पोस्टमर्टम रिपोर्ट में छह इंजरी गोलियों की हैं।
गौरतलब है कि, कानपुर के बिकरू गांव में दो जुलाई की रात को विकास दुबे के घर दबिश देने गई पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था, जिसमें सीओ सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। इसके बाद विकास दुबे मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर विकास दुबे के साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया। वहीं कई लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है।
बता दें कि, कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी विकास दुबे को बीते 10 जुलाई को एसटीएफ ने एनकाउंटर में मार गिराया था। विकास को उज्जैन से कानपुर ले आ रही एसटीएफ के काफिले की गाड़ी पलट गई थी, जिसके बाद विकास ने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की थी।