अंतरराष्ट्रीय कोर्ट आदेश के आगे झुका पाकिस्तान, विदेश मंत्रालय ने कहा- कुलभूषण जाधव को मुहैया कराई जाएगी राजनयिक पहुंच

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पाकिस्तान भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को अपने देश के कानूनों के अनुसार राजनयिक पहुंच मुहैया कराएगा और इसके लिए कार्यप्रणाली पर काम हो रहा है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार देर रात एक बयान जारी कर यह जानकारी दी। मंत्रालय ने साथ ही कहा कि जाधव को राजनयिक संबंधों पर विएना संधि के तहत उनके अधिकारों से अवगत करा दिया गया है।

(Reuters file photo)

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘आईसीजे के फैसले के आधार पर कमांडर कुलभूषण जाधव को राजनयिक संबंधों पर विएना संधि के अनुच्छेद 36 के पैराग्राफ 1(बी) के तहत उनके अधिकारों के बारे में सूचित कर दिया गया है।’’ उसने कहा, ‘‘एक जिम्मेदार देश होने के नाते पाकिस्तान कमांडर कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान कानूनों के अनुसार राजनयिक पहुंच मुहैया कराएगा, जिसके लिए कार्य प्रणालियों पर काम किया जा रहा है।’’

बता दें कि अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) ने पाकिस्तान को जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा पर प्रभावी तरीके से फिर से विचार करने और राजनयिक पहुंच प्रदान करने का बुधवार को आदेश दिया था। इसे भारत के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है।

अदालत के अध्यक्ष अब्दुलकावी अहमद यूसुफ की अगुवाई वाली 16 सदस्यीय पीठ ने एक के मुकाबले 15 मतों से कुलभूषण सुधीर जाधव को दोषी ठहराए जाने और उन्हें सुनाई गयी सजा की ‘‘प्रभावी समीक्षा करने और उस पर पुनर्विचार करने’’ का आदेश दिया है।

भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव (49) को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में सुनवाई के बाद जासूसी और आतंकवाद के आरोपों पर फांसी की सजा सुनाई थी। इस पर भारत में काफी कड़ी प्रतिक्रिया हुई। मामले की कार्यवाही पूरी होने में दो साल दो महीने का समय लगा।

भारत ने जाधव तक बार-बार कंसुलर एक्सेस नहीं मिलने पर पाकिस्तान द्वारा वियना समझौते के प्रावधानों का जबरदस्त उल्लंघन करने के लिए आठ मई, 2017 को आईसीजे का रुख किया था। आईसीजे के जज यूसुफ के नेतृत्व में 15 सदस्यीय पीठ ने भारत और पाकिस्तान की मौखिक दलीलों को सुनने के बाद 21 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रखा था।

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