बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आईएमएस-बीएचयू) की एक छात्रा ने कथित तौर पर रविवार दोपहर यूनिवर्सिटी कैंपस में अपने हॉस्टल के कमरे की छत से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। नेत्र विज्ञान विभाग में एक जूनियर रेजिडेंट मनीषा कुमारी ने दो पेज का सुसाइड नोट लिखा है, जिसमें उसने उल्लेख किया कि वह अपनी टीबी की बीमारी से परेशान होने के चलते यह कदम उठा रही है।
पुलिस ने कहा कि मृतका की पहचान बिहार के जमुई की रहने वाली मनीषा कुमारी के रूप में की गई है। वह बीएचयू की इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के नेत्रविज्ञान विभाग में कनिष्ठ चिकित्सक थी। पुलिस ने कहा की मनीषा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और उसके परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है।
बिहार के जमुई की मूल निवासी मनीषा 2017 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में जूनियर रेजिडेंट-1 के रूप में शामिल हुई थी और उसे महिला डॉक्टरों के छात्रावास में कमरा नंबर 41 आवंटित किया गया था।लंका पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर भारत भूषण ने कहा कि हॉस्टल में साथी छात्राओं ने लगभग 12.30 बजे उसके कमरे में उसे लटका हुआ पाया। इसके बाद बीएचयू प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने पुलिस को सूचित किया।
भारत भूषण ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि मृतका के कमरे से दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने बताया है कि वह टीबी की बीमारी से परेशान थी। भूषण ने कहा कि घटना के बारे में परिजनों को बता दिया गया है और शव को अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है। (इनपुट- आईएएनएस के साथ)



















