एडमिरल करमबीर सिंह ने शुक्रवार(31 मई) को नौसेना के 24वें प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। करमबीर सिंह ने एडमिरल सुनील लांबा की जगह चार्ज लिया है।
कार्यभार संभालने के तुरंत बाद पत्रकारों से बात करते हुए नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा कि, “मेरे पूर्ववर्तियों ने सुनिश्चित किया कि नौसेना के पास एक ठोस आधार है और नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। मेरा प्रयास रहेगा कि मैं उनके प्रयासों को जारी रखूं और राष्ट्र को ऐसी नौसेना प्रदान करूं, जो मजबूत, विश्वसनीय और समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हो।”
करमबीर सिंह नौसेनाध्यक्ष बनने वाले ऐसे पहले व्यक्ति हैं जो पहले नौसेना में हेलीकॉप्टर के पायलट रह चुके हैं। इन्होंने अब तक नेवी में 39 साल की सेवाएं दी हैं। इनकी नियुक्ति भारतीय नौसेना में साल 1980 में हुई थी।
अंडमान और निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल बिमल वर्मा ने सशस्त्र बल अधिकरण (एएफटी) में याचिका दायर कर अपनी वरिष्ठता की अनदेखी कर सिंह को नया नौसेना प्रमुख नियुक्त किये जाने को चुनौती दी थी। वर्मा के वकील अंकुर छिब्बर ने कहा, “एएफटी ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 17 जुलाई को तय की है क्योंकि सरकार ने अधिकरण के समक्ष वाइस एडमिरल सिंह की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज रखने के लिये और समय की मांग की थी।”