कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। पार्टी महासचिव और राज्य प्रभारी दीपक बाबरिया ने कहा, ‘‘भाजपा मध्य प्रदेश में भ्रष्ट तरीके अपनाकर कांग्रेस की सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। वे जनादेश को खारिज करने की कोशिश कर रहे हैं और राज्य की जनता उन्हें माफ नहीं करेगी।’’
उन्होंने दावा किया कि ‘कुशासन’ के कारण मध्य प्रदेश की जनता ने भाजपा को अस्वीकार करते हुए उसे सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया था। उधर, मध्य प्रदेश में भाजपा ने कहा कि कमलनाथ सरकार को विधानसभा में बहुमत सिद्ध करना चाहिए। बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र बुलाए जाने की मांग करते हुए नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का एक पत्र लिखा है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि भाजपा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से आग्रह करेगी कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए ताकि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो और कांग्रेस सरकार बहुमत साबित करे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं विशेष सत्र बुलाने की मांग करते हुए राज्यपाल को पत्र लिख रहा हूं।’’
लोकसभा चुनाव को लेकर विभिन्न समाचार माध्यमों के एग्जिट पोल व सर्वे में भाजपा को बहुमत मिलने के आसार के बीच भार्गव ने सोमवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “एग्जिट पोल के अनुसार एक बार फिर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश में कांग्रेस को दो-तीन सीटें मिलने वाली हैं। यह इस बात का संकेत है कि वर्तमान सरकार ने जनता का भरोसा खो दिया है। इसलिए हमारी मांग है कि राज्य विधानसभा का सत्र बुलाया जाए।”
भार्गव ने आगे कहा, “विधानसभा सत्र में सत्ताधारी दल की शक्ति का भी परीक्षण हो जाएगा। कांग्रेस के पास दूसरों के सहयोग से बहुमत है, भाजपा चाहती तो वह भी जोड़-तोड़ करके सरकार बना सकती थी, मगर भाजपा ने ऐसा नहीं किया।” ज्ञात हो कि 230 सदस्यीय राज्य विधानसभा में कांग्रेस के 114 और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 109 विधायक हैं। कांग्रेस सरकार बहुजन समाज पार्टी (बसपा), समाजवादी पार्टी (सपा) और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से चल रही है।



















