पंजाब के गुरदासपुर से टिकट नहीं मिलने से निराश दिवंगत सांसद और मशहूर अभिनेता विनोद खन्ना की पत्नी कविता खन्ना ने निराशा जताई है। उन्होंने कहा है कि मुझे दुख हुआ, ऐसा इसलिए क्योंकि मैं समझती हूं कि पार्टी को प्रत्याशियों के चयन का अधिकार है, लेकिन ऐसा करने का एक तरीका होता है, जिस तरह से ऐसा किया गया उससे ऐसा लगा कि मुझे बेगाना समझकर खारिज कर दिया गया। मुझे अकेले छोड़ देने और नकार देने के जैसा महसूस कराया गया। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा लगा कि जैसे मेरी कोई अहमियत नहीं है।

गुरदासपुर से अभिनेता सनी देओल को टिकट दिए जाने से नाराज कविता खन्ना ने निराशा जताते हुए कहा, ‘मुझे दुख हुआ, ऐसा इसलिए क्योंकि मैं समझती हूं कि पार्टी को टिकट वितरण पर फैसला करने का अधिकार है। लेकिन मुझे सिर्फ यही लगता है कि ऐसा करने का एक तरीका होना चाहिए, जिस तरीके से यह हुआ मुझे उससे बहुत दुख पहुंचा। मुझे अकेले छोड़ देने और नकार देने के जैसा महसूस कराया गया, मुझे अप्रासंगिक होने जैसी भावना लगी।’
हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने इसको निजी मुद्दा बनाने का फैसला नहीं किया है और अपना समर्थन पीएम नरेंद्र मोदी के प्रति व्यक्त करती हूं। उन्होंने कहा, ‘यह मेरा फैसला है कि मैं इस पर कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करूंगी। मैं व्यक्तिगत त्याग कर अपनी पूरी शक्ति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करूंगी।’ बता दें कि गुरुदासपुर से 2014 में विनोद खन्ना बीजेपी के टिकट से चुनाव जीते थे, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद यह सीट खाली हो गई थी।
Kavita Khanna, wife of late actor & former BJP MP from Gurdaspur, Vinod Khanna: I felt hurt because I understand party the has right to decide candidate but there is a way of doing it, and the way it was done I felt abandoned and rejected, I was made to feel insignificant https://t.co/iYn5RZds5K
— ANI (@ANI) April 27, 2019
बता दें कि बीजेपी ने मंगलवार शाम गुरदासपुर से अभिनेता सनी देओल को पार्टी प्रत्याशी बनाने की घोषणा की थी। मंगलवार दोपहर को ही सनी देओल बीजेपी में शामिल हुए और कुछ घंटे बाद ही पार्टी ने उनके स्वागत के तौर पर उन्हें गुरदासपुर से पार्टी का उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस निर्णय से कविता की आशाओं पर पानी फेर दिया, क्योंकि वह स्वयं यहां से टिकट पाना चाहती थीं। विनोद खन्ना ने 1998, 1999, 2004 और 2014 में इस सीट का प्रतिनिधित्व किया था। विनोद खन्ना का 2017 में निधन हो गया और उसके बाद उसी साल हुए उपचुनाव में कांग्रेस के सुनील जाखड़ ने बीजेपी के स्वर्ण सालारिया को भारी अंतर से पराजित कर दिया था।