भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नेता शाइना एनसी ने वंशवाद को बढ़ावा देने के लिए अपनी ही पार्टी को पटकनी देते हुए कहा कि वह निराश हैं कि उनकी पार्टी सहित अधिकतर राजनीतिक दलों ने आगामी लोकसभा चुनावों में महिलाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व नहीं दिया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि अन्य दलों को जागने की जरूरत है क्योंकि वे महिला हितों को लेकर केवल बयानबाजी करते हैं। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में दोनों नेताओं ने क्रमश: 33 फीसदी और 41 फीसदी महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है। महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सीटों पर प्रमुख दलों ने केवल 13 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है।
शायना एनसी ने एक ट्वीट कर अपनी पार्टी के साथ-साथ सभी पार्टियों पर निशाना साधते हुए लिखा है, “सभी राजनीतिक दलों को अब जागने की ज़रूरत है। महिला मतदाताओं का आंकड़ा 50 प्रतिशत से अधिक है, लेकिन लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के अलावा बाकी पार्टियों ने महिला उम्मीदवारों को टिकट देने में सिर्फ खानापूर्ती की।
शाइना ने लिखा कि लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी और नवीन पटनायक ने अपनी पार्टियों में महिला उम्मीदवारों को को क्रमश: 41 और 33 प्रतिशत हिस्सेदारी दी है। इनके अलावा बाकी सभी पार्टियों ने इस मामले में सिर्फ़ खानापूर्ति की है।
All political parties need to wake up. Women are 50 percent or the electorate. Upset and appalled to know that other than @MamataOfficial who has given 41 percent and @Naveen_Odisha who has given 33 percent to women candidates all other parties only pay lip service to our cause. pic.twitter.com/ZKVriLlvLS
— Shaina Chudasama Munot (@ShainaNC) March 31, 2019
शाइना ने समाचार पत्र से बात करते हुए कहा, जब भी किसी महिला का नाम प्रत्याशी के रूप में सामने आता है तो उसके जीतने की संभावना और फंडिंग पर सवाल उठते हैं। खासतौर पर तब जब वो किसी बड़ी हस्ती की रिश्तेदार न हो। मैं पुरुषवादी मानसिकता से लड़ाई जारी रखूंगी चाहे वो मेरी पार्टी में हो या दूसरी पार्टियों में।
बीजेपी ने महाराष्ट्र में 25 सीटों में से सात यानी 28 फीसदी पर महिला प्रत्याशियों को मौका दिया है। इस पर शाइना ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘इनमें से अधिकांश पार्टी नेताओं की बेटियां हैं। क्या आपको लगता है कि सात प्रत्याशी पर्याप्त हैं? इनमें से पूनम महाजन, प्रीतम मुंडे और हिना गावित (सभी मौजूदा सांसद) पार्टी नेताओं की ही बेटियां हैं। स्मिता वाघ पार्टी नेता की पत्नी है। क्या आप इसे महिलाओं का प्रतिनिधित्व कहेंगे? मुझे किसी के पारिवारिक संबंधों से शिकायत नहीं है लेकिन यदि दूसरों में प्रतिभा है तो उन्हें भी मौका मिलना चाहिए।’
बीजेपी नेता एकनाथ खड़से की बहू रक्षा खड़से भी इस बार चुनावी मैदान में हैं, उन्हें रावेर लोकसभा सीट से टिकट मिला है। वहीं, स्वर्गीय प्रमोद महाजन की बेटी पूनम महाजन को मुंबई उत्तर मध्य से उम्मीदवार बनाया गया है। जबकि दिवंगत बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी प्रीतम मुंडे को बीड से पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया हैं।
इसी बीच, बीजेपी ने गुरुवार को उत्तरी महाराष्ट्र की जलगांव लोकसभा सीट पर अपना उम्मीदवार बदलते हुए चालीसगांव से मौजूदा विधायक उन्मेष पाटिल को चुनावी समर में उतारा है। बता दें कि इससे पहले समिता वाघ को यहां से टिकट दिया गया था। बीजेपी के कई स्थानीय नेताओं ने समिता वाघ की उम्मीदवारी का विरोध करते हुए पार्टी को हराने का निर्णय लिया था।