बिहार में मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में सीट बंटवारे के बाद अब एक नया घमासान शुरू हो गया है। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के परिवार में भी फूट दिखने लगी है। राजद में सीट बंटवारे में उपेक्षा की आड़ लेकर लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने अपने भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के खिलाफ अब खुलकर मोर्चा खोल दिया है। तेज प्रताप ने शनिवार को विरोध के स्वर को बुलंद करते हुए जहानाबाद से निर्दलीय प्रत्याशी चंद्रप्रकाश यादव को समर्थन देने की घोषणा कर दी। चंद्रप्रकाश आरजेडी उम्मीदवार सुरेंद्र यादव के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, जहानाबाद संसदीय क्षेत्र से बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता शनिवार को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप से मिलने पटना पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवार सुरेंद्र यादव का विरोध करते हुए किसी युवा को प्रत्याशी बनाए जाने की मांग की। इसके बाद कार्यकर्ताओं से बातचीत में तेज प्रताप ने स्पष्ट किया, “जो जनता की मांग है, उसे लोगों को सुनना चाहिए। जनता की जो भी मांग है, उसके साथ मैं रहूंगा।”
उन्होंने कहा कि लोगों की मांग है कि जहानाबाद से चंद्रप्रकाश को उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने चंद्रप्रकाश का समर्थन करने की बात की और कहा कि 24 अप्रैल को चंद्रप्रकाश नामांकन दाखिल करेंगे। उल्लेखनीय है कि लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने दो दिन पूर्व संवाददाता सम्मेलन बुलाया था, परंतु अंतिम समय में उसे रद्द कर दिया। उस समय कहा गया था कि तेज प्रताप जहानाबाद और शिवहर सीट से अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा करेंगे।
इस बीच राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने शिवहर को छोड़कर अपने हिस्से की सभी सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। राजद ने जहानाबाद से सुरेंद्र यादव को उतारा है। तेज प्रताप ने गुरुवार को ही पार्टी से बागी तेवर अपनाते हुए छात्र राजद के संरक्षण पद से इस्तीफा दे दिया था। तेज प्रताप ने ट्वीट किया था, “छात्र राष्ट्रीय जनता दल के संरक्षक के पद से मैं इस्तीफा दे रहा हूं। नादान हैं वो लोग जो मुझे नादान समझते हैं। कौन कितने पानी में है, सबकी है खबर मुझे।”
बता दें कि बिहार में विपक्षी दलों के महागठबंधन ने सीट बंटवारे को लेकर शुक्रवार (29 मार्च) घोषणा कर दी। सूची के अनुसार, आरजेडी 19 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि कांग्रेस को नौ सीटें, आरएलएसपी को पांच, एचएएम को तीन और वीआईपी को तीन सीट और सीपीआईएमएल को एक सीट आवंटित की गई है।