मसूद अजहर मुद्दे पर कांग्रेस ने कहा- ‘कूटनीतिक आपदाओं’ का सिलसिला है पीएम मोदी की विदेश नीति

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कांग्रेस ने पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने की कोशिश में चीन के अड़ंगा डालने के बाद बुधवार (13 मार्च) देर रात केंद्र की बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति ‘‘कूटनीतिक आपदाओं’’ का सिलसिला है। कांग्रेस ने संयुक्त राष्ट्र में इस कवायद में रोड़ा अटकाने को लेकर चीन और पाकिस्तान की भी आलोचना की।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में यह एक दुखद दिन है। उन्होंने आज फिर आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई को चीन-पाक गठजोड़ ने आघात पहुंचाया है। सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘56 इंच की ‘हगप्लोमेसी’ (गले मिलने की कूटनीति) और झूला-झुलाने के खेल के बाद भी चीन-पाकिस्तान का जोड़ भारत को ‘लाल-आँख’ दिखा रहा है। एक बार फिर एक विफल मोदी सरकार की विफल विदेश नीति उजागर हुई।’’

बता दें कि जैश मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने में चौथी बार चीन रोड़ा बन गया है। चीन ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर वीटो का इस्तेमाल कर इस पर रोक लगा दी। इसके साथ ही ये प्रस्ताव रद्द हो गया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इस फैसले पर निराशा जताई है। साथ ही प्रस्ताव का समर्थन करने वालों का धन्यवाद किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन इस बात पर अड़ा रहा कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और मसूद अजहर का आपस में कोई लिंक नहीं है। चीन की दलील है कि पहले भी मसूद के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। मिली जानकारी के मुताबिक भारत ने मसूद के खिलाफ सबूत के तौर पर वो टेप्स दिए हैं, जो मसूद और जैश के कनेक्शन को साबित करते हैं। संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद को सौंपे गए डोजियर में भारत ने मसूद के खिलाफ अन्य सबूत भी दिए हैं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य चीन ने अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के जरिए लाए जा रहे प्रस्ताव में अड़ंगा लगा दिया। इधर भारत ने अमेरिका, फ्रांस के साथ पुलवामा आतंकी हमले के कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज शेयर किए हैं, ताकि मसूद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें। भारत को अमेरिका का जबरदस्त साथ मिला है।

चीन मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित करने में अड़ंगा लगाने के लिए कोई पैंतरा चल सकता है, इसकी आशंका पहले ही जाहरि की गई थी। कहा ये जा रहा है कि चीन ने मसूद के खिलाफ और सबूत मांगे हैं। पठानकोट आतंकी हमले के बाद से मसूद अजहर के खिलाफ ये प्रस्ताव चौथी बार लाया गया है। पिछले सभी मामलों में चीन इस प्रस्ताव पर तकनीकी रोक लगा चुका है।

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