कर्नाटक के ‘बागी’ नेता कांग्रेस विधायक उमेश जाधव ने सोमवार (4 मार्च) को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर के आर रमेश कुमार को सौंप दिया। विधायक उमेश जाधव के इस्तीफे के पीछे की वजह अभी साफ नहीं हो सकी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव से पहले उमेश जाधव बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। उमेश जाधव उन चार विधायकों में से एक हैं, जो दो बार कांग्रेस विधायकों की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। जाधव कर्नाटक के चिंचोली विधानसभा से दो बार से विधायक हैं।
उमेश के इस्तीफे के बाद अब कर्नाटक की विधानसभा में कांग्रेस के पास 79 विधायक ही बचे हैं। कांग्रेस पार्टी ने इस्तीफा देने वाले विधायक को धोखेबाज बताते हुए उनकी तीखी आलोचना की है।
कांग्रेस पार्टी ने इस्तीफा देने वाले विधायक को धोखेबाज बताते हुए उनकी आलोचना की है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमिटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष दिनेश गुंडुराव ने इस्तीफे पर प्रक्रिया देते हुए मीडिया से कहा, उमेश जाधव को इस्तीफा देना ही था, क्योंकि उन्होंने खुद को बीजेपी को बेच दिया है। वह धोखेबाज हैं और उन्होंने अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिए कांग्रेस का साथ छोड़ने का फैसला किया है।
Karnataka Pradesh Congress Committee (KPCC) president, Dinesh Gundu Rao: Dr. Umesh Jadhav's resignation was a forgone conclusion because he had already sold himself to BJP. He is leaving the Congress party for his selfish motives. He can be called a betrayer. #Bengaluru pic.twitter.com/6kf9Ad8vrU
— ANI (@ANI) March 4, 2019
गौरतलब है कि पिछले काफी समय से कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस वाली सरकार बीजेपी पर उनके विधायकों को तोड़ने के आरोप लगाती आ रही है। उमेश जाधव भी कांग्रेस के उन बागी विधायकों में से एक हैं, जिनपर काफी लंबे समय से बीजेपी के साथ संपर्क में होने का आरोप लगाया गया था।